सरकार ने सोमवार (21 जुलाई) को लोकसभा को बताया कि पिछले एक दशक में राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (NSDC) और प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) की विभिन्न पहलों के तहत 3.3 करोड़ से अधिक व्यक्तियों ने कौशल प्रशिक्षण प्राप्त किया है.
एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए, कौशल विकास और उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने कहा कि PMKVY के तहत 1.6 करोड़ से अधिक उम्मीदवारों को प्रशिक्षित या उन्मुख किया गया है, जिनमें से 1.29 करोड़ को 30 जून, 2025 तक प्रमाणित किया जा चुका है. एनएसडीसी द्वारा समर्थित अन्य कार्यक्रमों के तहत, अतिरिक्त 1.74 करोड़ व्यक्तियों को प्रशिक्षित किया गया है. मंत्री ने यह भी कहा कि एनएसडीसी ने पुरस्कार देने वाली संस्थाओं के माध्यम से 2.32 लाख से अधिक प्रशिक्षकों के प्रमाणन की सुविधा प्रदान की है.
उन्होंने कहा कि प्रशिक्षक-से-लाभार्थी अनुपात प्रशिक्षण की प्रकृति, बैच के आकार, क्षेत्रीय आवश्यकताओं और भौगोलिक कारकों के आधार पर भिन्न होता है. यद्यपि सरकार के पास एनएसडीसी में केवल 49 प्रतिशत इक्विटी है, यह बोर्ड में प्रतिनिधित्व के माध्यम से निगरानी रखती है.
मानकीकरण और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, सरकार ने कई नियामक और तकनीकी उपाय पेश किए हैं. विशेष रूप से वर्तमान में लागू PMKVY 4.0 के तहत.
प्रैक्टिकल डेमो के लिए ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग को एम्बेड किया गया
जयंत चौधरी ने कहा कि पीएमकेवीवाई 4.0 गुणवत्ता, उद्योग प्रासंगिकता और लचीलेपन पर जोर देता है. उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों को प्रैक्टिकल डेमो देने के लिए ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग (OJT) को शॉर्ट टर्म प्रशिक्षण घटक में एम्बेड किया गया है.
सरकार ने स्किल इंडिया डिजिटल हब (एसआईडीएच) जैसी डिजिटल सिस्टम भी शुरू की हैं, जो पूरे प्रशिक्षण चक्र की निगरानी करती हैं. आधार-आधारित नामांकन और बायोमेट्रिक उपस्थिति से लेकर जियो-टैगिंग और रीयल-टाइम डैशबोर्ड अपडेट तक. प्रशिक्षण केवल प्रमाणित प्रशिक्षकों द्वारा संचालित किया जाता है और प्रमाणित मूल्यांकनकर्ताओं द्वारा मूल्यांकन किया जाता है.
जवाबदेही बढ़ाने के लिए ई-केवाईसी-आधारित नामांकन, प्रदर्शन ऑडिट, तृतीय-पक्ष मूल्यांकन और शिकायत निवारण तंत्र जैसे उपाय किए गए हैं. वित्त वर्ष 2024-25 तक, एमएसडीई ने पीएमकेवीवाई के कार्यान्वयन के लिए 1,538.29 करोड़ रुपये जारी किए हैं. चालू वित्त वर्ष में अब तक कोई धनराशि जारी नहीं की गई है.
AI, EV. 5G जैसे सेक्टरों में भी ट्रेनिंग की गई शुरू
मंत्रालय के आधिकारिक अनुलग्नक (Annexation) में विस्तृत राज्य और केंद्र शासित राज्यवार वितरण डेटा प्रकाशित किया गया है. मंत्री ने कहा कि PMKVY सभी जिलों में लागू किया जा रहा है और इसका उद्देश्य विशेष रूप से हाशिए के समुदायों के लिए पहुंच और समावेशन सुनिश्चित करना है.
आकांक्षी जिलों और वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों में भी प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जा रहे हैं. जयंत चौधरी (Jayant Chaudhary) ने कहा कि इस योजना ने वर्कफोर्स को भविष्य के लिए तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इलेक्ट्रिक वाहन, रोबोटिक्स, 5 जी और डेटा एनालिटिक्स जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण देना भी शुरू कर दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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