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‘हीरों की नगरी’ पन्ना को मिला GI टैग, क्या होता है और क्यों है यह इतना फायदेमंद?

मध्य प्रदेश के (Madhya Pradesh) पन्ना जिले के हीरों को भारत सरकार ने GI टैग प्रदान किया है, जिससे ‘पन्ना डायमंड’ को वैश्विक पहचान मिलेगी. कितना फायदेमंद है या नुकसानदायक है यह टैग.

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देश की ह्रदय कहे जाने वाले मध्यप्रेदश में स्थित पन्ना जिले को हीरों की नगरी कहा जाता है. अब पन्ना के डायमंड भी विश्व पटल पर चमकेंगे. भारत सरकार की ओर से पन्ना के हीरों को जीआई टैग मिल गया है. डायमंड को यह टैग 14 नेचुरल गुड्स कैटेगरी के अंतर्गत मिला है.

पन्ना को मिला GI टैग

भारत सरकार की तरफ से पन्ना को GI टैग देने के बाद से इसकी पहचना दुनिया भर में बेहद खास हो गई है. इस टैग के बाद पूरे मध्यप्रदेश राज्य को गौरवान्वित महसूस हो रहा है. इस टैग का मतलब है कि अब पन्ना के हीरे ‘पन्ना डायमंड’ के नाम से जाने जाएंगे और इन्हें सर्टिफाइड, प्रीमियम नेचुरल प्रोडक्ट के तौर पर दुनिया भर के बाजारों में बेचा जाएगा. बता दें कि मध्यप्रदेश का पन्ना भारत का इकलौता ऐसा जिला है जहां हीरे मिलते हैं.

क्या है GI टैग

GI टैग को ‘जियोग्राफिकल इंडिकेशन’ टैग कहा जाता है. यह एक भौगोलिक चिह्न है जो बताता है कि कोई भी उत्पाद किसी विशेष स्थान (जैसे क्षेत्र, शहर, या देश) से संबंधित है और उसी स्थान के कारण उसकी एक खास गुणवत्ता, प्रतिष्ठा या विशेषता है. उदाहरण के लिए, बनारसी साड़ी या दार्जिलिंग चाय जैसे उत्पादों को उनके मूल स्थान की विशिष्ट पहचान के कारण यह टैग मिलता है. यह सुनिश्चित करता है कि केवल उन्हीं लोगों या संगठनों को उस उत्पाद का नाम इस्तेमाल करने की अनुमति है जो उस भौगोलिक क्षेत्र में रहते हैं.

टैग कितान फायदेमंद है ?

जीआई टैग काफी लाभदायक साबित होता आ रहा है. इससे उत्पाद को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अनूठी पहचान मिलती है. साथ ही टैग उत्पाद के लिए एक प्रकार का कानूनी संरक्षण प्रदान करता है, जिससे नकली उत्पादों को बाजार में उसी नाम से बेचने से रोका जा सकता है. GI टैग के चलते किसानों को उनके उत्पादों का बेहतर और उचित मूल्य मिल पाता है. यह पारंपरिक शिल्प और वस्तुओं को बढ़वा देता है साथ ही स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में मदद करता है. GI टैग वाले क्षेत्र पर्यटन को आकर्षित करते हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन को लाभ होता है.

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सीएम मोहन यादव ने जताई खुशी

पन्ना के हीरों को जीआई टैग मिलने से मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने खुशी जताई है. उन्होंने कहा, ‘पन्ना जिले के हीरों को भारत सरकार द्वारा भौगोलिक संकेत (जीआई) टैग प्रदान किया जाना पूरे मध्य प्रदेश राज्य के लिए गर्व का विषय है.’ उन्होंने यह भी कहा कि इस पहचान से पन्ना के हीरों की वैश्विक प्रतिष्ठा बढ़ेगी और पन्ना के युवाओं और कारीगरों के लिए स्थानीय स्तर पर नए अवसर पैदा होंगे. सीएम मोहन यादव के अनुसार, इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी.

यह जीआई टैग पन्ना के हीरों को एक खास पहचान देगा. अब ये हीरे सिर्फ पन्ना के ही माने जाएंगे और इनकी गुणवत्ता की गारंटी होगी. इससे पन्ना के हीरों की मांग दुनिया भर में बढ़ेगी. यह टैग भारत सरकार ने ’14-नेचुरल गुड्स कैटेगरी’ के तहत दिया है. पन्ना जिला, जिसे ‘हीरों की नगरी’ भी कहा जाता है, में सरकारी और निजी दोनों तरह की जमीनों पर हीरे निकाले जाते हैं और पट्टे जारी किए जाते हैं.

-भारत एक्सप्रेस



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