India-EU FTA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज यूरोपीय काउंसिल के प्रेसिडेंट एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की प्रेसिडेंट उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त टेलीफोन वार्ता की. यह वार्ता भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी को रेखांकित करती है.
दोनों पक्षों ने विश्व की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक शक्तियों के रूप में आपसी विश्वास, साझा मूल्यों और भविष्य की साझा दृष्टि पर जोर दिया. वार्ता में वैश्विक मुद्दों पर संयुक्त रूप से काम करने, स्थिरता सुनिश्चित करने और नियम-आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता दोहराई गई. पीएम मोदी ने दोनों नेताओं को अगले भारत-ईयू शिखर सम्मेलन के लिए भारत आमंत्रित किया, जो फरवरी में ईयू आयुक्तों के भारत दौरे की निरंतरता होगी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ संयुक्त टेलीफोन पर बातचीत की।
नेताओं ने व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, स्थिरता, रक्षा, सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला लचीलेपन जैसे प्रमुख क्षेत्रों… pic.twitter.com/OLjPtWkuZq
— ANI_HindiNews (@AHindinews) September 4, 2025

द्विपक्षीय संबंधों में प्रगति पर जोर
वार्ता में व्यापार, प्रौद्योगिकी, निवेश, नवाचार, स्थिरता, रक्षा, सुरक्षा और आपूर्ति श्रृंखला मजबूती जैसे प्रमुख क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का स्वागत किया गया. नेताओं ने भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की वार्ताओं को जल्द पूरा करने और इंडिया-मिडल ईस्ट-यूरोप इकोनॉमिक कॉरिडोर (आईएमईईसी) को लागू करने की साझा प्रतिबद्धता दोहराई. यह समझौता दोनों पक्षों के लिए आर्थिक विकास और आपसी समृद्धि का माध्यम बनेगा. ईयू के साथ भारत की साझेदारी वैश्विक चुनौतियों से निपटने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है, जिसमें डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्र शामिल हैं.

वैश्विक मुद्दों पर हुआ विचार-विमर्श
नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए, विशेष रूप से यूक्रेन संघर्ष को समाप्त करने के प्रयासों पर. पीएम मोदी ने भारत की निरंतर स्थिति दोहराई कि संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान और शीघ्र शांति व स्थिरता की बहाली आवश्यक है. दोनों पक्षों ने इस मुद्दे पर संवाद जारी रखने पर सहमति जताई. वार्ता में यह भी उल्लेख किया गया कि भारत और ईयू वैश्विक स्थिरता और समृद्धि के लिए मिलकर काम करेंगे.
अगला शिखर सम्मेलन भारत में होगा?
यह संयुक्त वार्ता भारत-ईयू संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकेत है. पीएम मोदी के निमंत्रण से अगला शिखर सम्मेलन भारत में आयोजित होने की संभावना है, जो दोनों पक्षों के बीच सहयोग को और मजबूत करेगा. नेताओं ने संपर्क में बने रहने पर सहमति व्यक्त की. यह घटना वैश्विक कूटनीति में भारत की बढ़ती भूमिका को दर्शाती है.
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