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मोदी 3.0 में सुधारों को मिली गति, बजट से पहले टैक्स सिस्टम में बड़े बदलाव की उम्मीद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2025 से 2029 के बीच कई बड़े सुधार किए जाने की तैयारी है. टैक्स सिस्टम में बड़े बदलावों पर चर्चा चल रही है ताकि टैक्स का बोझ हल्का हो और नियामक आवश्यकताएं आसान बनें.

Narendra Modi
Prashant Rai Edited by Prashant Rai

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2025 से 2029 के बीच कई बड़े सुधार किए जाने की तैयारी है. टैक्स सिस्टम में बड़े बदलावों पर चर्चा चल रही है ताकि टैक्स का बोझ हल्का हो और नियामक आवश्यकताएं आसान बनें. पुराने कानून, जैसे वक्फ एक्ट और समान नागरिक संहिता (UCC) की कमी, बदलाव के दायरे में हैं. वक्फ एक्ट को संविधान के खिलाफ माना जा सकता है, इसलिए इसे सुधारने की जरूरत है.

कारोबार से जुड़े पुराने कानूनों को भी बदला जा रहा है. पहले छोटे-छोटे मामलों को अपराध माना जाता था, लेकिन अब इसे हटाया जा रहा है. 2014 में मोदी सरकार के आने के बाद कई पुराने कानून खत्म किए गए और कारोबार को आसान बनाया गया.

निवेशकों का भरोसा बढ़ाने पर जोर

पिछले कई सालों में टैक्स के कड़े नियमों और जटिल प्रक्रिया के कारण कई निवेशकों ने भारत में निवेश करना बंद कर दिया था. लेकिन अब सरकार निवेशकों का भरोसा बढ़ाने पर जोर दे रही है. खासतौर पर स्टार्टअप्स के क्षेत्र में बड़ी तरक्की हो रही है.

2024 के चुनावों से पहले विपक्ष ने बीजेपी को 220 सीटों तक रोकने की कोशिश की थी, लेकिन वे कामयाब नहीं हुए. अब 2029 के चुनावों के लिए विपक्ष फिर कोशिश कर रहा है. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने ठान लिया है कि देश को पिछली स्थिति में नहीं जाने दिया जाएगा.

आयकर में सुधार की जरूरत

आयकर में सुधार की काफी जरूरत थी. पहले लोगों पर ज्यादा टैक्स लगता था, लेकिन 2025-26 के बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से उम्मीद है कि टैक्स स्लैब को वास्तविक आय (Actual Income) के हिसाब से बदला जाएगा.

1947 में भारत का प्राइवेट सेक्टर एशिया में सबसे आगे था, लेकिन 1950 के बाद सरकारी नीतियों ने इसे कमजोर कर दिया. 2014 के बाद सरकार ने प्राइवेट सेक्टर को बढ़ावा दिया और उसे अर्थव्यवस्था में मुख्य भूमिका दी.

1970 के दशक में आयकर की दरें 97% से ज्यादा थीं, जिससे ईमानदार करदाताओं को नुकसान हुआ. लेकिन 2014 के बाद नकद लेन-देन पर रोक लगाई गई और टैक्स चोरी पर सख्ती की गई.

जीएसटी में भी सुधार

जीएसटी में सुधार भी प्राथमिकता में है. कुछ राज्य विरोध कर रहे हैं, लेकिन सरकार जीएसटी की दरों को सरल और प्रगतिशील बनाने पर काम कर रही है.

भारत में डिजिटल पेमेंट्स तेजी से बढ़ रहे हैं. अब छोटे दुकानदार भी डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं. तकनीकी क्षेत्र में भी बड़े मौके बन रहे हैं.

2029 के चुनावों में बीजेपी का लक्ष्य 340 से ज्यादा सीटें जीतने का है. एनडीए का आंकड़ा 400 से ऊपर पहुंचाने का सपना है. इन सुधारों और योजनाओं के साथ, भारत नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रहा है.


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-भारत एक्सप्रेस



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