मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड (RIL) ने उस मीडिया रिपोर्ट का खंडन किया जिसमें दावा किया गया था कि सरकार ने केजी-डी6 गैस ब्लॉक से कथित कम उत्पादन को लेकर कंपनी और उसकी साझेदार बीपी से 30 अरब डॉलर की मांग की है. रिलायंस ने स्पष्ट किया कि ऐसा कोई दावा नहीं है और रिपोर्ट को “झूठा” बताया.
रिलायंस कंपनी ने अपने बयान में कहा, “‘भारत ने गैस क्षेत्र में कम उत्पादन के लिए रिलायंस इंडस्ट्रीज और बीपी से 30 अरब डॉलर का दावा किया है, सामग्री तथ्यों के विपरीत है. अज्ञात और अपुष्ट स्रोतों पर आधारित ऐसी रिपोर्ट प्रकाशित करना अनुचित और गैरजिम्मेदाराना है.”
रिलायंस कंपनी ने कहा कि रिलायंस इंडस्ट्रीज या बीपी के खिलाफ 30 अरब डॉलर का कोई दावा नहीं है. रिलायंस ने स्पष्ट किया कि केजी-डी6 ब्लॉक के संबंध में सरकार का दावा लगभग 247 मिलियन डॉलर है, न कि मीडिया रिपोर्ट में उल्लिखित राशि.
रिलायंस ने आगे कहा कि कंपनी की वार्षिक वित्तीय रिपोर्टों में 247 मिलियन डॉलर के दावे का नियमित और सुसंगत रूप से खुलासा किया गया है.
रिलायंस कंपनी ने यह भी कहा कि रिपोर्ट में उल्लिखित मामले पूरी तरह से विचाराधीन हैं और देश की न्यायिक प्रणाली के तहत कानूनों के अनुसार उनका फैसला किया जाएगा, जिस पर रिलायंस को पूरा भरोसा है.
रिलायंस कंपनी ने आगे कहा कि उसने और उसके साझेदार बीपी ने हर समय अपने संविदात्मक और कानूनी दायित्वों का पालन किया है, और कंपनी रिपोर्ट में तथ्यों की गलत व्याख्या किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताती है.
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