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Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
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अदाणी ग्लोबल इंडोलॉजी कॉन्क्लेव में विद्वानों ने शेयर किए अपने विचार, मेरठ से सांसद एक्टर अरुण गोविल ने कहा- ‘राम एक जीता-जागता सिद्धांत’

अदाणी कॉर्पोरेट हाउस में हुए ग्लोबल इंडोलॉजी कॉन्क्लेव में दुनिया भर के स्कॉलर्स इंडोलॉजी, इंडियन फिलॉसफी और कल्चरल स्टडीज़ पर अपने अनुभव और रिसर्च आइडिया शेयर करने के लिए एक साथ आए.

अदाणी कॉर्पोरेट हाउस में हुए ग्लोबल इंडोलॉजी कॉन्क्लेव में दुनिया भर के स्कॉलर्स इंडोलॉजी, इंडियन फिलॉसफी और कल्चरल स्टडीज़ पर अपने अनुभव और रिसर्च आइडिया शेयर करने के लिए एक साथ आए. इस इवेंट का मकसद ग्लोबल एकेडमिक दुनिया में भारतीय विद्वत्तापूर्ण परंपरा को फिर से मजबूत करना है. राम और कृष्ण के मशहूर किरदारों से जुड़े एक्टर्स की मौजूदगी ने बातचीत को और खास बना दिया.

अदाणी द्वारा शिक्षा मंत्रालय के इंडियन नॉलेज सिस्टम के सहयोग से आयोजित तीन दिन के ग्लोबल इंडोलॉजी कॉन्क्लेव में भारतीय सभ्यता, भाषा, दर्शन और कल्चरल विरासत पर फोकस किया गया. एक स्पेशल सेशन में टीवी सीरियल में राम और कृष्ण का रोल निभाने वाले मशहूर एक्टर अरुण गोविल और नीतीश भारद्वाज ने आज की ज़िंदगी में इन दोनों किरदारों की अहमियत के बारे में डिटेल में बात की.

कॉन्फ्रेंस के उद्घाटन कार्यक्रम में अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने ‘इंडिया नॉलेज ग्राफ’ बनाने के लिए एक ऐतिहासिक घोषणा की और कहा, “इंडिया नॉलेज ग्राफ बनाने और इंडोलॉजी मिशन में हिस्सा लेने वाले एक्सपर्ट्स और टेक्नीशियंस को सपोर्ट देने के लिए 100 करोड़ रुपये के शुरुआती योगदान की घोषणा करते हुए मुझे गर्व महसूस हो रहा है. यह एक सभ्यता के कर्ज का भुगतान है.”

राम सिर्फ एक धार्मिक किरदार नहीं, एक जीता-जागता सिद्धांत

सेशन में हिस्सा ले रहे मेरठ से सांसद और रामायण में राम का रोल करने वाले एक्टर अरुण गोविल ने कहा कि राम सिर्फ एक धार्मिक किरदार नहीं बल्कि एक ‘साकार मंत्र’ हैं, एक ऐसा सिद्धांत जो इंसान और समाज दोनों को रास्ता दिखाता है.

उन्होंने कहा कि रामायण सिर्फ एक धार्मिक किताब नहीं बल्कि पारिवारिक और सामाजिक रिश्तों का एक बड़ा ताना-बाना है, जो हर समय में गाइडेंस देता है. उन्होंने कहा कि राम का जीवन प्रेरणा देने वाला है क्योंकि उन्होंने पितृ धर्म और राज धर्म दोनों को बैलेंस्ड तरीके से निभाया. उनके अनुसार, राम नैतिकता, इंसानी मूल्यों और पॉजिटिव सोच के प्रतीक हैं.

सही समय पर प्रैक्टिकल समझदारी और सही फैसला

महाभारत में कृष्ण का रोल करने वाले नीतीश भारद्वाज ने कहा कि कृष्ण ने त्रेता युग में राम के बनाए आदर्शों को दोपहर युग में आगे बढ़ाया और उन्हें प्रैक्टिकल तरीके से लागू किया. उन्होंने कहा कि सनातन हिंदू सभ्यता का विकास ही धर्म है. कृष्ण ने परिवार, समाज और देश के हित में फैसले लेकर धर्म का प्रैक्टिकल रूप पेश किया.

एक्टर भारद्वाज ने साफ किया कि राम और कृष्ण के किरदार सिर्फ पौराणिक संदर्भों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हमें समाज और परिवार की भलाई के लिए समय पर और सही फैसले लेने की प्रेरणा देते हैं.


ये भी पढ़ें: “भारत का इतिहास भारत खुद लिखेगा” – अदाणी ग्लोबल इंडोलॉजी कॉन्क्लेव में गौतम अदाणी का संबोधन, ₹100 करोड़ के सहयोग की घोषणा


-भारत एक्सप्रेस



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