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शेयर मार्केट में क्या डूब जाएगा आपका पैसा? ट्रंप की ईरान से जंग वाली जिद ने शेयर बाजार में मचाई तबाही, जानें कब थमेगी ये गिरावट!

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के ईरान पर हमले के बयान से भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट दर्ज हुई. Sensex 1400 अंक टूटा, जबकि Nifty 50 भी 22,300 के नीचे फिसल गया…

Sensex Nifty crash due to Trump Iran war news: भारतीय शेयर बाजार के लिए गुरुवार यानी 2 अप्रैल 2026 की सुबह किसी भयानक डरावने सपने से कम नहीं रही. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान पर अगले 2-3 हफ्तों में भीषण हमलों के ऐलान ने वैश्विक बाजारों सहित भारतीय शेयर बाजार की कमर तोड़ दी है.

बाजार खुलते ही बिकवाली का ऐसा सैलाब आया कि सेंसेक्स और निफ्टी (nifty 50) ताश के पत्तों की तरह ढह गए. शुरुआती कारोबार में ही सेंसेक्स 1400 अंकों से ज्यादा फिसलकर 71,700 के स्तर (sensex today) पर आ गया, जिससे निवेशकों के होश उड़ गए हैं और चारों तरफ चीख-पुकार मची है.

nifty 50 का क्या रहा हाल?

बता दें कि गुरुवार को जैसे ही ट्रेडिंग बेल बजी, बाजार में चौतरफा बिकवाली शुरू हो गई. बीएसई (BSE) सेंसेक्स 1,414.02 अंकों की भारी गिरावट के साथ 71,720.30 के स्तर पर खुला, वहीं NSE निफ्टी भी 449.35 अंक टूटकर 22,230.05 पर आ गया.

बाजार की ब्रेथ इतनी खराब रही कि गिरने वाले शेयरों की संख्या बढ़ने वाले शेयरों के मुकाबले तीन गुना से भी ज्यादा रही. जहां केवल 559 शेयर (nifty 50 share price) हरे निशान में थे, वहीं 1,914 शेयर लाल निशान में गोता लगा रहे थे, जिससे साफ है कि बाजार के हर सेक्टर में भगदड़ मची है.

दिग्गज शेयर गिरे औंधे मुंह (Sun Pharma share price)

बाजार की इस सुनामी ने निफ्टी के बड़े दिग्गजों को भी नहीं बख्शा. सबसे ज्यादा मार फार्मा सेक्टर के दिग्गज ‘सन फार्मा’ पर पड़ी, जिसमें भारी बिकवाली देखी गई. वहीं युद्ध की आहट और कच्चे तेल की कीमतों में उछाल की आशंका के चलते एविएशन सेक्टर की कंपनी ‘इंडिगो’ (Interglobe Aviation) के शेयर भी बुरी तरह टूट गए.

वहीं वित्तीय क्षेत्र में श्रीराम फाइनेंस और इटर्नल जैसे शेयरों में भी भारी कमजोरी दर्ज की गई. निवेशकों के लिए स्थिति यह है कि ब्लू-चिप कंपनियों में भी पैसा सुरक्षित नजर नहीं आ रहा है.

क्यों मची है बाजार में यह बिकवाली?

इस ऐतिहासिक गिरावट (Sensex Nifty crash) के पीछे सबसे बड़ी वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का वह ताजा बयान है, जिसमें उन्होंने ईरान के खिलाफ सैन्य एक्शन तेज करने की बात कही है. ट्रंप ने साफ किया है कि अगले 2-3 हफ्ते ईरान पर भीषण हमले किए जाएंगे और अमेरिका को ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ की परवाह नहीं है.

इस बयान के बाद वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की सप्लाई बाधित होने का डर बैठ गया है, जिससे क्रूड ऑयल की कीमतें आसमान छूने लगी हैं. भारत जैसे तेल आयातक देश के लिए यह खबर किसी झटके से कम नहीं है, जिसका सीधा असर आज शेयर बाजार पर दिख रहा है.

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क्या है एक्स्पर्ट्स का मानना?

बाजार में आई इस अचानक गिरावट (Sensex Nifty crash) से छोटे और रिटेल निवेशक पूरी तरह घबराए हुए हैं. मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि निफ्टी का 22,300 के महत्वपूर्ण सपोर्ट लेवल से नीचे जाना एक ‘डेंजर सिग्नल’ है. जानकारों की सलाह है कि जब तक जियोपॉलिटिकल तनाव (Geopolitical Tension) कम नहीं होता और बाजार में स्थिरता नहीं आती तब तक नई खरीदारी से बचना चाहिए. मौजूदा माहौल में ‘वेट एंड वॉच’ (इंतजार करो और देखो) की नीति अपनाना ही समझदारी होगी क्योंकि आने वाले दिनों में गिरावट और गहरा सकती है.

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-भारत एक्सप्रेस



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