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पहली बार 2 लाख रुपये किलो के पार जा पहुंची चांदी, 1 से 2 लाख होने में 9 महीने लगे, इस तूफानी तेजी की वजहें क्या-क्या हैं?

चांदी ने आज इतिहास रच दिया है. आज (17 दिसंबर 2025) चांदी की कीमत पहली बार 2 लाख रुपए प्रति किलो के पार निकल गई. इंडस्ट्रियल डिमांड और ग्लोबल मार्केट में हलचल इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं.

सर्राफा बाजार के इतिहास में आज का दिन यानी (17 दिसंबर 2025) सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है. चांदी की कीमतों ने आज वो आंकड़ा छू लिया है, जिसका अनुमान कुछ समय पहले तक किसी को नहीं था. इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के आंकड़ों के मुताबिक, आज सुबह चांदी पहली बार 2,00,000 रुपए प्रति किलो के स्तर को पार कर गई.

बाजार विशेषज्ञों के लिए सबसे चौंकाने वाली बात चांदी की रफ्तार है. 18 मार्च 2025 को चांदी ने पहली बार 1 लाख रुपए का आंकड़ा छुआ था. अब मात्र 9 महीने के भीतर ही यह 2 लाख रुपए प्रति किलो पर पहुंच गई है. तुलनात्मक रूप से देखें तो चांदी को 50 हजार रुपए से 1 लाख रुपए तक पहुंचने में करीब 14 साल का लंबा समय लगा था, लेकिन अगला 1 लाख रुपए का सफर महज कुछ महीनों में तय हो गया.

आज बाजार का क्या हाल रहा?

आज सुबह जब बाजार खुला तो एक किलो चांदी की कीमत 2,00,750 रुपए पर थी. हालांकि, दिन चढ़ने के साथ कीमतों में मामूली उतार-चढ़ाव देखा गया. पिछले बंद भाव 1,91,977 रुपए के मुकाबले यह आज 7,664 रुपए की भारी बढ़त के साथ 1,99,641 रुपए प्रति किलो पर बंद हुई. फिलहाल चांदी अपने अब तक के सबसे उच्चतम स्तर (All-Time High) पर कारोबार कर रही है.

चांदी में इस तूफानी तेजी के 4 मुख्य कारण

  • बढ़ती औद्योगिक मांग: चांदी अब केवल गहनों तक सीमित नहीं रह गई है. सोलर पैनल, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और इलेक्ट्रिक गाड़ियों (EV) में इसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है. यह अब एक जरूरी कच्चा माल बन चुकी है.
  • अमेरिकी टैरिफ का डर: अमेरिका में ट्रंप प्रशासन के टैरिफ (सीमा शुल्क) बढ़ने की आशंका से वहां की कंपनियां भारी मात्रा में चांदी का स्टॉक जमा कर रही हैं. इससे वैश्विक बाजार में सप्लाई कम हो गई है और कीमतें बढ़ रही हैं.
  • मैन्युफैक्चरर्स के बीच होड़: दुनिया भर के निर्माताओं को डर है कि आने वाले समय में चांदी की कमी के कारण प्रोडक्शन रुक सकता है. इसलिए वे अभी से एडवांस में खरीदारी कर रहे हैं, जिससे डिमांड लगातार हाई बनी हुई है.
  • सिल्वर ETF में निवेश: आम लोग और बड़े निवेशक अब फिजिकल चांदी के साथ-साथ सिल्वर ETF (Exchange Traded Funds) के जरिए भी जमकर पैसा लगा रहे हैं, जिससे बाजार में लिक्विडिटी और डिमांड दोनों बढ़ी है.

सोने की चमक भी हुई तेज

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी तेजी का रुख बना हुआ है. आज 24 कैरेट शुद्ध सोने का भाव 540 रुपए बढ़कर 1,32,317 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया. बता दें कि इसी महीने 15 दिसंबर को सोने ने 1,33,442 रुपए का अपना ऑल-टाइम हाई बनाया था. साल 2025 निवेशकों के लिए काफी फायदेमंद साबित हुआ है, क्योंकि इस साल अब तक सोने की कीमत में 56 हजार रुपए से ज्यादा की बढ़ोतरी हो चुकी है.

एक साल में कितना बदला दाम?

अगर हम 31 दिसंबर 2024 से तुलना करें, तो चांदी की कीमतों में करीब 1.13 लाख रुपए प्रति किलो का उछाल आया है. वहीं सोना भी साल की शुरुआत में 76,162 रुपए पर था, जो अब 1.32 लाख रुपए के पार है. बाजार के जानकारों का मानना है कि ग्लोबल सप्लाई चेन में आ रही बाधाओं को देखते हुए आने वाले समय में भी कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी का दौर जारी रह सकता है.

ये भी पढ़ें- इतिहास में पहली बार चांदी 2 लाख पहुंची, सोना भी 1.34 लाख के पार; ज्वेलरी खरीदने वालों पर कितना पड़ेगा असर?

-भारत एक्सप्रेस



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