मेहली मिस्त्री
Tata Trust controversy: टाटा समूह से जुड़ी सबसे अहम संस्थाओं में से एक टाटा ट्रस्ट एक बार फिर सुर्खियों में है. पूर्व ट्रस्टी मेहली मिस्त्री ने ट्रस्ट के प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए मांग की है कि इसके संचालन के लिए एक स्वतंत्र एडमिनिस्ट्रेटर नियुक्त किया जाए. मिस्त्री ने यह भी साफ किया है कि उनकी ट्रस्ट के बोर्ड में वापसी की कोई इच्छा नहीं है.
उन्होंने मुंबई के चैरिटी कमिश्नर के समक्ष दाखिल अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि ट्रस्ट के संचालन में कई गंभीर अनियमितताएं हुई हैं. इस मामले ने कॉरपोरेट और चैरिटेबल गवर्नेंस दोनों ही हलकों में हलचल मचा दी है.
बोर्ड की वैधता पर सवाल
मिस्त्री ने ट्रस्ट के हालिया बदलावों को भी चुनौती दी है. उनका कहना है कि जिस प्रक्रिया के तहत उन्हें ट्रस्टी पद से हटाया गया और नए सदस्यों को शामिल किया गया, वह नियमों के खिलाफ है. वर्तमान बोर्ड में नोएल टाटा (चेयरमैन), वेणु श्रीनिवासन (वाइस चेयरमैन), विजय सिंह, डेरियस खंबाटा, भास्कर भट्ट और नेविल टाटा शामिल हैं.
मिस्त्री का आरोप है कि ट्रस्ट के कुछ बड़े पदों पर “स्थायी नियुक्तियों” का फैसला महाराष्ट्र पब्लिक ट्रस्ट्स एक्ट की धारा 30A के खिलाफ जाता है. उनके अनुसार, यह नियम ट्रस्टी की नियुक्ति और कार्यकाल को लेकर स्पष्ट सीमाएं तय करता है, जिनका पालन नहीं किया गया.
वित्तीय लेन-देन का लगाया आरोप
याचिका में मिस्त्री ने ट्रस्ट के एक सदस्य विजय सिंह पर भी गंभीर आरोप लगाया हैं. दावा किया गया है कि उन्होंने टाटा समूह की कंपनियों से जुड़ी गतिविधियों के जरिए करीब 20.13 करोड़ रुपये के कमीशन और बैठकों के भत्ते प्राप्त किए. मिस्त्री का कहना है कि किसी भी ट्रस्टी के लिए यह जरूरी है कि वह पूरी तरह निष्पक्ष रहकर केवल ट्रस्ट के हित में काम करे, और ऐसे भुगतान हितों के टकराव की स्थिति पैदा करते हैं.
विजय सिंह और वेणु श्रीनिवासन पर उठाया सवाल
मिस्त्री ने अपनी शिकायत में किसी का नाम लेने में परहेज नहीं किया. उन्होंने दो बड़े दिग्गजों पर उंगली उठाई है.
- विजय सिंह: मिस्त्री का आरोप है कि विजय सिंह ने टाटा संस और ग्रुप की अन्य कंपनियों से कमीशन और सिटिंग फीस के तौर पर करीब 20.13 करोड़ रुपये लिए. मिस्त्री का कहना है कि एक ट्रस्टी का काम ट्रस्ट के हितों की रक्षा करना होता है, न कि उससे जुड़ी कंपनियों से मोटा आर्थिक लाभ लेना. यह सीधे तौर पर हितों का टकराव (Conflict of Interest) है.
- वेणु श्रीनिवासन: मिस्त्री ने आरोप लगाया कि वेणु श्रीनिवासन ने अपने बेटे के साथ मिलकर ‘जगुआर लैंड रोवर’ (JLR) के एक बड़े अधिकारी का इस्तेमाल अपनी कंपनी ‘नॉर्टन मोटरसाइकिल्स’ के लिए किया. उन्होंने सवाल उठाया कि क्या इसके लिए JLR को कोई भुगतान किया गया? मिस्त्री के मुताबिक, टाटा संस के बोर्ड में रहते हुए अपनी निजी कंपनी के लिए ग्रुप के संसाधनों का इस्तेमाल करना भरोसे का कत्ल है.
अब एक तरफ जहां ट्रस्ट नए नेतृत्व (नोएल टाटा) के साथ आगे बढ़ने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ पुराने साथियों के ये कानूनी दांव-पेंच मुश्किलें खड़ी कर सकते हैं.
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-भारत एक्सप्रेस
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