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Trump Tariff: अमेरिका ने दवा को 50% पर टैरिफ से बाहर क्यों रखा, ट्रंप को किस बात ने किया मजबूर?

भारतीय फार्मास्युटिकल अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन के अनुसार, भारतीय दवा उद्योग को अमेरिका के तत्काल टैरिफ से बाहर रखा गया है, क्योंकि जेनेरिक दवाएं किफायती स्वास्थ्य सेवा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

Trump Tariff

Trump Tariff: देश में किफायती स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में जेनेरिक दवाओं के महत्व को देखते हुए, भारतीय दवा उद्योग को अमेरिका में तत्काल टैरिफ वृद्धि से छूट दी गई है. यह निर्णय राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा रूसी तेल खरीद से संबंधित भारत पर अतिरिक्त 25% टैरिफ लागू करने के बाद आया है, जिससे 27 अगस्त से भारत पर लगने वाला कुल टैरिफ 50% हो गया है.

भारतीय फार्मास्युटिकल अलायंस के महासचिव सुदर्शन जैन के अनुसार, भारतीय दवा उद्योग को अमेरिका के तत्काल टैरिफ प्रवर्तन से बाहर रखा गया है, क्योंकि जेनेरिक दवाएं अमेरिका में किफायती स्वास्थ्य सेवा बनाए रखने के लिए महत्वपूर्ण हैं.

वर्तमान में  दवा सेक्टर धारा 232 जांच के तहत समीक्षाधीन है. जेनेरिक दवाएं अमेरिका में किफायती स्वास्थ्य सेवा के लिए महत्वपूर्ण हैं और आम तौर पर बहुत कम लाभ मार्जिन पर काम करती हैं. रोगियों के उपचार के लिए उनकी निरंतर उपलब्धता सुनिश्चित करना आवश्यक है.

दवा निर्यातक शिपमेंट भेज रहें ऑस्ट्रेलिया

इसके अलावा, बसव कैपिटल के सह-संस्थापक संदीप पांडे ने बताया कि अमेरिका में दवा आयात में भारत का हिस्सा लगभग 6% है, जो अमेरिकी मेडिकेयर सिस्टम की भारत पर महत्वपूर्ण निर्भरता को दर्शाता है.

27 अगस्त, 2025 को 50% टैरिफ लागू होने के बाद, भारतीय दवा निर्यातकों ने अपने शिपमेंट ऑस्ट्रेलिया ट्रांसफर करना शुरू कर दिया, जिससे अमेरिकी मेडिकेयर सिस्टम की स्थिरता को खतरा होने की आशंका थी.

दवा के लिए भारत पर अत्यधिक निर्भर है अमेरिका

संदीप पांडे ने बताया कि इसके परिणामस्वरूप, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय दवाइयों को 50% टैरिफ से बाहर रखा, जबकि वित्त वर्ष 2025 में भारत ने उसके कुल दवा निर्यात का लगभग 40% हिस्सा निर्यात किया था.

विशेषज्ञों का कहना है कि अमेरिका अपनी दवा आपूर्ति के लिए भारत पर अत्यधिक निर्भर है, और उसकी लगभग आधी जेनेरिक दवाइयाँ भारत से आती हैं. स्वास्थ्य सेवा की महत्वपूर्ण भूमिका और अमेरिका में पहले से ही उच्च स्वास्थ्य सेवा व्यय को देखते हुए, उनका अनुमान है कि दवाओं पर तत्काल पर्याप्त टैरिफ लगाए जाने की संभावना कम है.

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-भारत एक्सप्रेस



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