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US Tariff

रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ की अमेरिकी प्रस्तावित व्यवस्था के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा नीति पर रुख स्पष्ट किया है. विदेश मंत्रालय ने अमेरिका को टैरिफ को लेकर दो टूक जवाब दिया है.

अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का बिल पास कर दिया है. इससे भारत के अमेरिकी निर्यात पर बड़ा असर पड़ सकता है.

अमेरिकी सीनेट ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर 100% तक टैरिफ लगाने का प्रावधान वाला प्रतिबंध बिल पास किया है. भारत और चीन पर इसके संभावित असर को लेकर आर्थिक और कूटनीतिक चिंता बढ़ी है, हालांकि बिल अभी कानून नहीं बना है.

भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ युद्ध खत्म होने की राह पर है. राष्ट्रपति ट्रंप के साथ फोन पर हुई बातचीत के बाद पीएम मोदी ने एक प्रेरणादायक पोस्ट साझा किया है. अमेरिका ने भारतीय उत्पादों पर टैक्स 25% से घटाकर 18% करने का फैसला किया है.

US Tariff Plan: अमेरिका के ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि रूसी तेल पर 500% टैरिफ का निशाना चीन है, भारत नहीं. उन्होंने दावा किया कि भारत ने आयात कम कर दिया है. आइये जानें उन्होंने और क्या कहा है?

डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ के फायदे गिनाते हुए आलोचकों को मूर्ख कहा और वादा किया कि टैरिफ रेवेन्यू से लगभग हर अमेरिकी को 2000 डॉलर का डिविडेंड मिलेगा.

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को चेतावनी दी है कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीदना जारी रखा तो वह भारत पर नई टैरिफ लगाने पर विचार कर सकते हैं.

Donald Trump New Tariff: ट्रंप ने विदेश से अमेरिका में आयात होने वाले भारी ट्रकों पर 25 फीसदी टैरिफ लगाया था. अब अमेरिका में मध्यम और भारी ट्रकों पर 25 फीसदी टैरिफ लगेगा. नया आदेश 1 नवंबर 2025 से लागू होगा.

जॉन बोल्टन ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि "पीएम मोदी और ट्रंप के बीच जो दोस्ती का रिश्ता था, अब पूरी तरह से खत्म हो गया है. अब कुछ भी नहीं बचा है."

नवारो ने एक बयान में कहा था कि यूक्रेन युद्ध के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ज़िम्मेदार हैं. इस पर फ़ीगेनबाम ने कहा, 'इन लोगों ने अमेरिका-भारत संबंधों को फलदायी बनाने के लिए 25 साल की कड़ी और द्विपक्षीय मेहनत को बर्बाद कर दिया है.'