दुनिया की जानी-मानी रिटेल कंपनी वॉलमार्ट अब भारत, मैक्सिको और चीन जैसे देशों पर खास ध्यान दे रही है. कंपनी की योजना इन तेजी से बढ़ते बाजारों में ई-कॉमर्स और ओमनीचैनल क्षमताओं को मजबूत करके अपने अंतरराष्ट्रीय विस्तार को गति देने की है.
वॉलमार्ट इंटरनेशनल की अध्यक्ष और सीईओ कैथरीन मैकले के अनुसार, भारत जैसे देश जहां 1.4 अरब से अधिक की आबादी है, वहां ऑनलाइन शॉपिंग को लेकर अपार संभावनाएं हैं. भारत का इंटरनेट इकोनॉमी साल 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंचने की उम्मीद है, जिसमें ई-कॉमर्स का अहम योगदान होगा. लेकिन फिलहाल ऑनलाइन खरीदी की पहुंच केवल 9% तक सीमित है, जिससे साफ है कि आगे काफी ग्रोथ की गुंजाइश है.
कैथरीन मैकले ने बताया कि कंपनी भारत में अपने फ्लिपकार्ट बिजनेस को लगातार मजबूत कर रही है. इस दिशा में पारंपरिक चैनलों के साथ-साथ नए रिटेल फॉर्मेट में भी निवेश किया जा रहा है.
बता दें कि वॉलमार्ट ने साल 2018 में 16 अरब डॉलर में फ्लिपकार्ट का अधिग्रहण किया था. शुरुआत में फ्लिपकार्ट का मकसद टियर-2 और टियर-3 शहरों में ब्रांडेड सामान उपलब्ध कराना था, जहां पहले लोगों को इस तरह के उत्पादों के लिए टियर-1 शहरों का रुख करना पड़ता था.
फ्लिपकार्ट ने पहले मोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों जैसी कैटेगरी पर फोकस किया, जो अब मुनाफे में हैं. समय के साथ कंपनी ने अपनी रेंज और सेवाएं दोनों का विस्तार किया है ताकि ग्राहकों की बदलती जरूरतों को पूरा किया जा सके.
पिछले कुछ वर्षों में भारत में क्विक कॉमर्स यानी 15 मिनट के भीतर डिलीवरी की मांग तेजी से बढ़ी है. इसे ध्यान में रखते हुए फ्लिपकार्ट ने “मिनिट्स बिजनेस” शुरू किया है. इसके तहत कंपनी ने 250 फुलफिलमेंट सेंटर्स तैयार किए हैं और अब कुछ ऑर्डर केवल तीन मिनट में भी डिलीवर हो रहे हैं. यह पहले के 1-2 दिन की डिलीवरी मॉडल से काफी तेज है.
मैकले ने कहा कि क्विक कॉमर्स अब भारत के ई-कॉमर्स मार्केट का लगभग 20% हिस्सा बन चुका है और यह हर साल 50% की दर से बढ़ रहा है.
हालांकि कंपनी अपने कोर बिजनेस से मुनाफा कमा रही है, फिर भी वह नए क्षेत्रों में निवेश कर रही है ताकि भविष्य में ग्रोथ के मौके बनाए रखे जा सकें.
फ्लिपकार्ट अब वॉलमार्ट के ग्लोबल अनुभवों का भी भरपूर इस्तेमाल कर रहा है. जब क्विक कॉमर्स का ट्रेंड भारत में जोर पकड़ने लगा, तो फ्लिपकार्ट के सीईओ कल्याण कृष्णमूर्ति ने चीन में वॉलमार्ट की सैम्स क्लब यूनिट के क्लाउड-आधारित फुलफिलमेंट मॉडल का अध्ययन करवाया, जहां 1,000 आइटम एक घंटे से भी कम समय में डिलीवर किए जाते हैं. फ्लिपकार्ट अब इस मॉडल को भारत में और बेहतर बनाकर 6,000 उत्पादों की 15 मिनट में डिलीवरी का लक्ष्य लेकर चल रहा है.
यह अनुभव न केवल भारत के लिए, बल्कि चीन जैसे अन्य बाजारों के लिए भी उपयोगी साबित हो रहा है.
मैकले ने यह भी बताया कि फ्लिपकार्ट का बिजनेस मॉडल चीन की तरह नहीं है, जहां वॉलमार्ट ज्यादातर पहले-पार्टी प्रोडक्ट्स बेचता है और डिजिटल विज्ञापन का हिस्सा नहीं है. इसके उलट फ्लिपकार्ट के राजस्व और मुनाफे में डिजिटल विज्ञापन एक बड़ा स्तंभ बन चुका है.
उन्होंने फ्लिपकार्ट की ब्रांड मिंत्रा को “छुपा हुआ रत्न” बताया. मिंत्रा अब फैशन, ब्यूटी और एसेसरीज़ के क्षेत्र में हाइपर-पर्सनलाइजेशन और जनरेटिव एआई जैसी नई तकनीकों का उपयोग कर रहा है. उदाहरण के लिए, कोई यूजर अगर मिंत्रा पर पूछे, “मैं गर्मियों में केरल में एक शादी में जा रहा हूं जहां ज्यादातर मेहमान 20 साल के आसपास हैं, और ड्रेस कोड सेमी-फॉर्मल है,” तो मिंत्रा इसके आधार पर चार आउटफिट सजेशन देता है.
ये भी पढ़ें- भारत बन सकता है सस्टेनेबल एविएशन फ्यूल का वैश्विक निर्यातक: Boeing India प्रमुख सलील गुप्ते
-भारत एक्सप्रेस
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.


