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ब्लैक-ब्लू बैग गैंग का पर्दाफाश: दिल्ली रेलवे पुलिस ने अंतरराज्यीय चोर गिरोह के चार सदस्य दबोचे

दिल्ली रेलवे पुलिस ने एक अंतरराज्यीय बैग चोर गिरोह का पर्दाफाश कर चार शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है. आरोपी ट्रेनों में सफर कर रहे यात्रियों के काले और नीले रंग के बैग चुराते थे ताकि CCTV से बच सकें.

Delhi Police Railway Station

दिल्ली रेलवे पुलिस ने ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर सक्रिय एक अंतरराज्यीय बैग चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए इसके चार शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है. ये आरोपी भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में यात्रा कर रहे यात्रियों के काले और नीले रंग के बैग को खास तौर पर निशाना बनाते थे, जिससे CCTV में उनकी पहचान मुश्किल हो सके. गिरफ्तार आरोपियों के पास से कुल 12 बैग, दो मोबाइल फोन और ₹47,000 नकद बरामद हुए हैं.

3 जुलाई 2025 का है मामला

मामला 3 जुलाई 2025 का है जब नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन संख्या 12477 (श्री माता वैष्णो देवी कटरा सुपरफास्ट एक्सप्रेस) के A-1 कोच से पांच यात्रियों के बैग चोरी हो गए. पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की और CCTV फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान कर ली गई. गिरोह के सदस्य पहाड़गंज स्थित ‘क्रिस्टल होटल’ में रुके हुए थे.

पुलिस ने होटल पर छापा मारकर किया गिरफ्तार

पुलिस ने होटल पर छापा मारकर अमित कुमार (वैशाली, बिहार), करण कुमार (बेगूसराय, बिहार) और गौरव (बेगूसराय, बिहार) को गिरफ्तार किया. ये तीनों पहले भी चोरी, हथियार रखने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए गए हैं. इसके बाद चौथे आरोपी पुनीत महतो (बेगूसराय, बिहार) को आनंद विहार रेलवे स्टेशन से पकड़ा गया, जो पहले NDPS एक्ट, आर्म्स एक्ट और संगठित चोरी के कई मामलों में लिप्त रह चुका है.

गिरोह का काम करने का तरीका बेहद शातिर था. ये लोग रेलवे स्टेशन के पास खुद को कपड़ा व्यापारी बताकर होटल में रुकते और बार-बार ट्रेनों में आना-जाना करते. वे यात्रियों के काले और नीले रंग के बैग चुराते थे क्योंकि ऐसे बैग आमतौर पर CCTV में अलग से पहचान में नहीं आते. चोरी के बाद बैग को होटल लाकर उसमें रखे सामान को अपने पहले से लाए गए बैग में भर लेते और फिर खाली बैग को स्टेशन पर फेंक देते ताकि कोई संदेह न हो. इस तरह वे एक ही दिन में कई बार चोरी की वारदात को अंजाम देते थे.

गिरोह द्वारा चोरी किया गया सामान

गिरोह द्वारा चोरी किया गया सामान बाद में बदरपुर-फरीदाबाद बॉर्डर के सुरक्षित ठिकानों पर छिपाया जाता और फिर उसे ग्रे मार्केट में बेचा जाता था. जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ये आरोपी अक्सर सिम कार्ड और मोबाइल फोन बदलते रहते थे और होटल में फर्जी नामों से कमरा बुक करते थे ताकि पुलिस की पकड़ से बच सकें. इस कार्रवाई को SHO/NDRS इंस्पेक्टर विश्वनाथ पासवान के नेतृत्व में और ACP/NDSD राजेश कुमार की निगरानी में अंजाम दिया गया. टीम में ASI बगीचा, HC विकास, HC गौरव, HC सोनू, Ct. प्रवीण, Ct. मोनू, Ct. विक्रम डागर और क्राइम स्टाफ दिलबाग शामिल थे.

रेलवे पुलिस ने यात्रियों से की अपील

रेलवे पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान को नजर से दूर न जाने दें, लॉक योग्य और अलग रंग के बैग का उपयोग करें, और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत सूचना रेलवे पुलिस या 112 नंबर पर दें. इस गिरोह की गिरफ्तारी न सिर्फ ट्रेनों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं पर लगाम लगाएगी, बल्कि यह भी बताती है कि अब अपराधी रंग, पैटर्न और भीड़ का इस्तेमाल कर तकनीक को मात देने की चालें चल रहे हैं — ऐसे में जागरूकता और सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार है.

-भारत एक्सप्रेस 



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