Success Story: इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले हर छात्र का सपना होता है कि उसे किसी बड़ी वैश्विक कंपनी में करोड़ों रुपये का पैकेज मिले. झारखंड की राजधानी रांची में स्थित प्रतिष्ठित संस्थान बिड़ला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मेसरा (BIT Mesra) के एक बीटेक ग्रेजुएट कुशाग्र सहाय ने इस सपने को हकीकत में बदल दिखाया है. इस छात्र को एक अंतरराष्ट्रीय टेक कंपनी लिंक्डइन से सालाना 1.4 करोड़ रुपये का भारी-भरकम सैलरी पैकेज (जॉब ऑफर) मिला है. इस अभूतपूर्व सफलता को हासिल करने के बाद छात्र ने सोशल मीडिया पर एक विस्तृत पोस्ट लिखकर अपने सफर और संघर्ष की कहानी दुनिया के साथ साझा की है.
संघर्ष से सफलता तक का सफर ऐसा था
कुशाग्र सहाय ने अपनी पोस्ट में बताया कि यह मुकाम हासिल करना उसके लिए इतना आसान नहीं था. कॉलेज के शुरुआती दिनों से लेकर कोडिंग, डेटा स्ट्रक्चर्स और एल्गोरिदम पर दिन-रात की गई कड़ी मेहनत के बाद उसे यह सफलता मिली है. उसने लिखा कि प्लेसमेंट सीजन के दौरान कई बार उतार-चढ़ाव आए और मानसिक तनाव का सामना भी करना पड़ा, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी. लगातार खुद में सुधार करने और प्रोफेसरों व सीनियर्स के मार्गदर्शन ने उसे अंततः इस मुकाम पर पहुंचा दिया. छात्र की यह प्रेरक पोस्ट अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है, और देश भर के इंजीनियरिंग छात्र इसे एक बड़ी प्रेरणा के रूप में देख रहे हैं.
संस्थान और परिवार में जश्न का माहौल
बीआईटी मेसरा में 1.4 करोड़ रुपये का यह रिकॉर्ड पैकेज मिलने की खबर के बाद से ही पूरे कैंपस और छात्र के परिवार में जश्न का माहौल है. कॉलेज प्रशासन ने छात्र की इस वैश्विक स्तर की उपलब्धि पर गर्व व्यक्त किया है. विशेषज्ञों का मानना है कि कोरोना महामारी और वैश्विक आर्थिक मंदी (Tech Layoffs) के दौर के बाद, भारतीय तकनीकी संस्थानों से इस तरह के बड़े इंटरनेशनल पैकेज का सामने आना यह साबित करता है कि भारतीय टैलेंट की मांग वैश्विक बाजार में आज भी सबसे मजबूत है. इस बड़ी कामयाबी के बाद छात्र को हर तरफ से उज्ज्वल भविष्य के लिए बधाइयां मिल रही हैं.
युवाओं के लिए दी इन क्षेत्रों को चुनने की सलाह
वहीं, सोशल मीडिया पर कुशाग्र ने स्टूडेंट्स के लिए कुछ आवश्यक बातें बताईं, उन्होंने स्टूडेंट्स को इन क्षेत्रों में काम करने की सलाह दी —
प्रोग्रामिंग: नई तकनीक सीखने से पहले प्रोग्रामिंग की बुनियादी समझ अहम है.
डीएसए: डेटा स्ट्रक्चर और एल्गोरिदम का नियमित अभ्यास करें.
कोर कंप्यूटर साइंस: ऑपरेटिंग सिस्टम, डीबीएमएस, कंप्यूटर नेटवर्क और ओओपी जैसे विषयों पर अच्छी पकड़ रखें.
प्रोजेक्ट्स: ऐसे प्रोजेक्ट बनाएं जो सच में परेशानियों को हल करने में मदद करें.
एआई: एआई का इस्तेमाल सीखने को आसान बनाने के लिए करें, अपनी सोच को उस पर निर्भर न बनाएं.
पढ़ाई और स्किल : अच्छा सीजीपीए बनाए रखें और साथ में व्यावहारिक स्किल भी विकसित करें.
गाइडेंस: सीनियर्स और प्रोफेसर्स से सीखें क्योंकि उनका अनुभव गलतियों से बचने में मदद कर सकता है.
साथियों का साथ: ऐसे लोगों के साथ रहें जो मेहनती, जिज्ञासु और सहयोगी हों.
कम्युनिकेशन: अपने विचार और काम को स्पष्ट तरीके से समझाना सीखें, क्योंकि इंटरव्यू में यह भी महत्वपूर्ण होता है.
मेहनत करते रहें: तैयारी सिर्फ प्लेसमेंट के समय नहीं बल्कि पूरे कॉलेज सफर में करते रहें.
असफलताओं से सीखें: असफलताओं को सुधार का मौका मानें और आगे बढ़ते रहें.
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