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NCERT किताबों में बड़ा बदलाव, शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले- छात्रों के भविष्य के लिए लिया गया फैसला

केंद्र सरकार ने NCERT सरकार ने NCERT सिलेबस में कई बड़े बदलाव किए हैं. इसी को लेकर NCERT की इतिहास की किताबों में किए गए बदलावों को लेकर विपक्ष लगातार हर दिन नए-नए सवाल उठा रहे हैं.

Dharmendra Pradhan on NCERT Syllabus 2025

NCERT Syllabus 2025: देश की नई पीढ़ी को राष्ट्रीय सुरक्षा, देशभक्ति और सेना के साहस के बारे में सही जानना बहुत जरूरी है. इसी को देखते हुए केंद्र सरकार ने NCERT सिलेबस में कई बड़े बदलाव किए हैं. इसी को लेकर NCERT की इतिहास की किताबों में किए गए बदलावों को लेकर विपक्ष लगातार हर दिन नए-नए सवाल उठा रहे हैं. इस पर हाल ही में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मीडिया से बात-चीत रकते हुए डिटेल से अपनी बात रखी है. उन्होंने साफ किया कि यह कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं बल्कि भारत की सही ऐतिहासिक पहचान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास है.

दरअसल, विपक्ष पार्टियों का आरोप है कि केंद्र सरकार ‘अकबर द ग्रेट’ जैसे अध्यायों में बदलाव करके अपनी हिंदुत्ववादी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रही है. इन आरोपों पर धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि भारत का इतिहास लंबे समय तक एक खास नजरिए से दिखाया गया है, जिसे अब बदला जा रहा है. उन्होंने कहा, ‘एक परिवार और विचारधारा विशेष ने जानबूझकर इतिहास को अपने फायदे के मुताबिक ढाला. इसकी जड़ें लॉर्ड मैकाले तक जाती हैं, जिन्होंने 1835 में ब्रिटिश संसद में भारत की शिक्षा प्रणाली को तोड़ने की साजिश रची थी.’

‘इतिहास को एक ही एंगल से देखना सही नहीं’

शिक्षा मंत्री ने सवाल उठाया कि क्या भारत के इतिहास को केवल एक ही एंगल से देखा जाना चाहिए? उन्होंने कहा कि हमारे देश में राजा सुहेलदेव, बाजी राउत, और गुरु गोविंद सिंह के साहबजादों जैसे वीरों को शिक्षा प्रणाली में उचित स्थान नहीं मिला. उन्होंने कहा कि यह किसी पार्टी या संगठन की विचारधारा नहीं बल्कि ‘भारतीयता’ है, जिसे शिक्षा प्रणाली में दर्शाया जा रहा है.

जब उनसे पूछा गया कि क्या अब अकबर को ‘महान’ नहीं माना जाएगा, तो प्रधान ने कहा कि इतिहास के तथ्य अपने आप सब कुछ बताते हैं. उन्होंने कहा, ‘क्या मुगलों ने काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त करने के आदेश नहीं दिए थे? क्या उस समय स्थानीय लोगों पर अत्याचार नहीं हुए? यह सब ऐतिहासिक दस्तावेजों में दर्ज है.’

उन्होंने यह भी जोड़ा कि जो लोग इन तथ्यों को नहीं देखना चाहते, वे सच से मुंह मोड़ रहे हैं. “हम कोई नया इतिहास नहीं बना रहे, बल्कि तथ्य आधारित, प्रमाणिक इतिहास को सामने ला रहे हैं.”

ओवैसी के इतिहास बदलने पर उठाए थे कई सवाल

ओवैसी ने मुगलों द्वारा बनाई गई ऐतिहासिक इमारतों का हवाला देते हुए इतिहास बदलने पर सवाल उठाए थे. इस पर प्रधान ने कहा कि ‘भारत एक ऐसी सभ्यता है जिसने सबको अपनाया है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि हम अपनी पीड़ा और सच्चाई को भूल जाएं. हम सत्य को सामने लाना चाहते हैं, किसी के खिलाफ नफरत नहीं है.’

NCERT की किताबों में ‘ऑपरेशन सिंधु सूर्य’ को शामिल करने पर कांग्रेस द्वारा लगाए गए ‘सरकारी प्रचार’ के आरोपों पर धर्मेंद्र प्रधान ने पलटवार किया है. उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने भी कहा है कि वह भारत की बात रखने आए हैं. क्या हमारी सेना का पराक्रम नई पीढ़ी को प्रेरणा नहीं देता? कांग्रेस केवल एक परिवार की तारीफ तक सीमित रही है, लेकिन आज देश उस मानसिकता से आगे बढ़ रहा है.’

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-भारत एक्सप्रेस 



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