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खोजनी थी नौकरी, खोज रहे प्यार: Gen Z का नया डेटिंग जुगाड़ बना Linkdin; क्या कहते हैं आंकड़े?

LinkedIn Dating Trend: डेटिंग ऐप्स की थकान और घोस्टिंग से परेशान Gen Z अब LinkedIn पर पार्टनर तलाश रही है. WSJ रिपोर्ट और Zety सर्वे के आंकड़ों से समझें क्यों बढ़ रहा है यह नया ट्रेंड?

young professional with LinkedIn app interface, reflecting the modern Gen Z dating trend on professional networking platforms

डेटिंग नेटवर्किंग के लिए लिंक्डइन का रुख कर रहे हैं. फोटो क्रेडिट- AI@Bharat Express

LinkedIn Dating Trend: जिस डिजिटल चौखट पर युवा कभी बायोडाटा चमकाने, करियर की सीढ़ियां चढ़ने और कॉर्पोरेट नेटवर्किंग के इरादे से कदम रखते थे, वहां अब दिल के तार भी जुड़ने लगे हैं. डेटिंग ऐप्स के अंतहीन स्वाइप्स, बेनूर बातचीत और घोस्टिंग के चक्रव्यूह से आजिज आ चुकी ‘जेन जी’ (Gen Z) अब लिंक्डइन (LinkedIn) पर अपने लिए हमसफर की तलाश कर रही है. यानी जिस मंच पर ‘जॉब अलर्ट’ सेट करना था, वहां अब ‘लव कनेक्शन’ की नई जमीन तलाशी जा रही है.

स्वाइप की थकान और लिंक्डइन का नया क्रेज

अमेरिकी अखबार द वॉल स्ट्रीट जर्नल की 19 अगस्त 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, डेटिंग प्लेटफॉर्म्स से निराश युवा पेशेवर अब लिंक्डइन को रोमांटिक रिश्ते शुरू करने का एक नया जरिया बना रहे हैं.

Zety का सर्वे(Zety LinkedIn Survey): करीब 25% प्रोफेशनल्स का मानना है कि लिंक्डइन को डेटिंग के लिए इस्तेमाल करना स्वीकार्य हो सकता है, जबकि 22% लोगों ने स्वीकार किया कि उन्होंने इस प्लेटफॉर्म पर रोमांटिक इरादे से मैसेज भेजा या ऐसे संदेशों का जवाब दिया.

डेटिंग ऐप बर्नआउट: Forbes Health और OnePoll के 2024 के सर्वे (1,000 अमेरिकी यूजर्स) के मुताबिक, 79% जेन जी यूजर्स और कुल 78% प्रतिभागियों ने डेटिंग ऐप्स के इस्तेमाल से मानसिक व भावनात्मक थकान महसूस की.

थकान की मुख्य वजहें: सर्वे में 40% लोगों ने सार्थक कनेक्शन न बन पाना, 41% ने घोस्टिंग (अचानक बातचीत बंद होना) और 38% ने कैटफिशिंग (झूठी पहचान) को डेटिंग ऐप्स की सबसे बड़ी निराशाजनक वजह बताया.

प्रोफेशनल प्रोफाइल बनी ‘डिजिटल बैकग्राउंड चेक’

पारंपरिक डेटिंग ऐप्स पर जहाँ पहली पहचान सिर्फ कुछ चुनिंदा तस्वीरों और सीमित बायो तक सिमट जाती है, वहीं लिंक्डइन पर व्यक्ति की पूरी पेशेवर दुनिया खुली किताब की तरह होती है. यहाँ मौजूद कॉलेज, डिग्री, मौजूदा कंपनी, पद, स्किल्स और वर्क एक्सपीरियंस को युवा एक सहज ‘डिजिटल बैकग्राउंड चेक’ की तरह देख रहे हैं. कॉमन इंडस्ट्री, कॉलेज या प्रोफेशनल रुचियों के बहाने शुरू होने वाली फॉर्मल बातचीत कई बार स्वाभाविक रूप से निजी मुलाकातों और रिश्तों में बदल जाती है.

कंपनी की नीति: ‘यह डेटिंग साइट नहीं है’ (LinkedIn Community Guidelines)

उपयोगकर्ताओं के इस बदलते मिजाज के बीच लिंक्डइन की आधिकारिक Professional Community Policies बेहद सख्त और स्पष्ट हैं. इसमें कहा गया है कि लिंक्डइन किसी भी रूप में डेटिंग साइट नहीं है. प्लेटफॉर्म पर रोमांटिक पार्टनर खोजना, डेट के लिए इनवाइट करना, या किसी के रंग-रूप पर अनचाही व्यक्तिगत टिप्पणियां करना नियमों का सीधा उल्लंघन है. किसी भी प्रकार के अवांछित रोमांटिक संदेश अकाउंट पर पाबंदी का कारण बन सकते हैं.

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भारत में 161 मिलियन से अधिक का बेस (India LinkedIn User Base)

भारत में भी लिंक्डइन का दायरा काफी बड़ा है, जहां Google Play लिस्टिंग के अनुसार इसके 161 मिलियन (16.1 करोड़) से ज्यादा सदस्य मौजूद हैं. लिंक्डइन का मानना है कि जेन जी का कंटेंट अब सिर्फ औपचारिक रिज्यूमे तक सीमित नहीं है, बल्कि उसमें इमोशनल स्टोरीटेलिंग और कम्युनिटी से जुड़े वास्तविक भाव भी शामिल हो रहे हैं. हालांकि, इस नए ट्रेंड के बीच एक बारीक लकीर हमेशा याद रखनी होगी नेटवर्किंग के लिए भेजी गई ‘कनेक्शन रिक्वेस्ट’ और निजी जिंदगी की ‘डेटिंग रिक्वेस्ट’ दोनों का मकसद और मर्यादा बिल्कुल अलग है.



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