NEET UG Online Mode: नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा को लेकर मचे घमासान के बीच केंद्र सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जो आने वाले समय में देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा का पूरा चेहरा बदल देगा. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा ऐलान करते हुए कहा है कि अगले साल से नीट यूजी की परीक्षा पेन-कागज (Pen-Paper Mode) पर नहीं, बल्कि कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) यानी ऑनलाइन मोड में होगी. सरकार का मानना है कि इस डिजिटल बदलाव से पेपर लीक और धांधली जैसी बीमारियों पर हमेशा के लिए लगाम लगाई जा सकेगी.
21 जून को री-एग्जाम, मिलेंगे 15 मिनट एक्स्ट्रा
शिक्षा मंत्री ने मीडिया से बात करते हुए साफ किया कि 3 मई को हुई परीक्षा में जो गड़बड़ियां सामने आई थीं, उनकी गहन समीक्षा के बाद ही 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का फैसला लिया गया है. इस री-एग्जाम के लिए छात्रों के एडमिट कार्ड 14 जून को जारी कर दिए जाएंगे. इसके अलावा, मानसिक तनाव से गुजर रहे छात्रों के लिए एक राहत की बात यह भी है कि इस बार उन्हें परीक्षा हल करने के लिए 15 मिनट का अतिरिक्त समय दिया जाएगा.
क्या होता है यह CBT मोड और इसके फायदे?
बहुत से छात्रों और अभिभावकों के मन में सवाल होगा कि आखिर यह सीबीटी (CBT) मोड क्या है? आसान भाषा में कहें तो यह कंप्यूटर पर होने वाली परीक्षा है. छात्र को परीक्षा केंद्र जाकर कंप्यूटर स्क्रीन पर सवाल देखने होंगे और माउस की मदद से सही विकल्प पर टिक करना होगा. इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि इसमें फिजिकल पेपर छपने, ट्रांसपोर्टेशन और सेंटर्स तक पहुंचाने का झंझट खत्म हो जाता है, जिससे लीक होने की गुंजाइश न के बराबर रह जाती है.
पुराना रजिस्ट्रेशन ही रहेगा मान्य
एनटीए (NTA) ने पहले ही साफ कर दिया है कि जो छात्र पहले से इस परीक्षा के लिए रजिस्टर्ड थे, वे सभी इस री-एग्जाम में बैठ सकेंगे. छात्रों को न तो कोई नया फॉर्म भरना है और न ही कोई एक्स्ट्रा फीस देनी है. आपके पुराने डेटा और चुने गए सेंटर्स के आधार पर ही नया एडमिट कार्ड जारी किया जाएगा.
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गेस पेपर के नाम पर हुआ था खेल
इसके अलावा शिक्षा मंत्री ने सिलसिलेवार ढंग से बताया कि 7 मई को पहली बार पेपर लीक की खबरें आईं, जिसके बाद सरकार ने तुरंत जांच बिठाई. 12 मई तक आई शुरुआती रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ कि कुछ जालसाजों ने ‘गेस पेपर’ के नाम पर असली प्रश्नपत्र का सौदा किया था. उन्होंने छात्रों को भरोसा दिलाते हुए कहा, “हम किसी भी गुनहगार को छोड़ेंगे नहीं. हमारी प्राथमिकता यह है कि दिन-रात मेहनत करने वाले होनहार छात्रों के भविष्य के साथ कोई अन्याय न हो.”
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-भारत एक्सप्रेस
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