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UP Board 2026: आंसरशीट में पैसे रखने वाले 400 से ज्यादा छात्रों का रिजल्ट रोका, जानें पूरा मामला

UP Board Result 2026 Withheld Students: UP Board की कम्पार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट परीक्षा की कॉपियों में पैसे मिलने के बाद 400 से ज्यादा छात्रों का रिजल्ट फिलहाल रोक दिया गया है. बोर्ड ने इस मामले को UFM के तहत लिया है और छात्रों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाएगा, जिसके बाद परीक्षा समिति अंतिम फैसला करेगी.

UP Board Result 2026 Withheld Students

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UP Board 2026: उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट व इम्प्रूवमेंट परीक्षा देने वाले छात्रों के लिए बड़ी खबर है. परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं में रुपये रखकर परीक्षक को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले 400 से अधिक परीक्षार्थियों का रिजल्ट बोर्ड ने फिलहाल रोक दिया है. बोर्ड ने इस तरह की हरकत को अनुचित साधन (Unfair Means) की श्रेणी में रखा है.

डिजिटल मूल्यांकन में सामने आया मामला

यूपी बोर्ड के इतिहास में पहली बार कम्पार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट परीक्षा की उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन पूरी तरह डिजिटल तरीके से कराया गया. प्रदेश के अलग-अलग जिलों से उत्तरपुस्तिकाएं प्रयागराज स्थित राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) लाई गईं. मूल्यांकन शुरू होने से पहले सभी कॉपियों की हाई-रिजोल्यूशन स्कैनिंग की गई. जब परीक्षकों ने कंप्यूटर और लैपटॉप की स्क्रीन पर स्कैन की गई उत्तरपुस्तिकाओं का मूल्यांकन शुरू किया, तो कई कॉपियों के पन्नों के बीच नकदी दिखाई दी. जानकारी के मुताबिक, इन उत्तरपुस्तिकाओं से 20 हजार रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई. बोर्ड ने बरामद रकम को सरकारी राजकोष में जमा करा दिया है.

पैसे रखने पर अब UFM के तहत कार्रवाई

उत्तरपुस्तिका में रुपये रखकर परीक्षक को प्रभावित करने की कोशिश को यूपी बोर्ड ने इस साल से अनुचित साधन यानी UFM के दायरे में शामिल किया है. इसका मतलब है कि ऐसे मामलों में केवल कॉपी में मिले पैसों को नजरअंदाज करके रिजल्ट जारी नहीं किया जाएगा, बल्कि मामले की जांच भी की जाएगी.

क्या छात्रों का साल हो जाएगा खराब?

रिजल्ट रोके जाने का मतलब यह नहीं है कि संबंधित छात्रों का साल निश्चित रूप से बर्बाद हो गया है. बोर्ड प्रभावित परीक्षार्थियों को अपना पक्ष रखने का अवसर देगा. इसके लिए संबंधित छात्रों को उनके जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) के माध्यम से नोटिस भेजे जा रहे हैं. छात्रों की ओर से दी गई सफाई और जांच रिपोर्ट के आधार पर परीक्षा समिति अंतिम निर्णय लेगी. इसलिए फिलहाल इन छात्रों के भविष्य को लेकर अंतिम फैसला नहीं हुआ है.

कम्पार्टमेंट और इम्प्रूवमेंट छात्रों पर क्या असर?

जिन छात्रों ने फेल होने के बाद कम्पार्टमेंट परीक्षा दी थी और उनका रिजल्ट रोका गया है, उनका परिणाम फिलहाल जारी नहीं माना जाएगा. वहीं, इम्प्रूवमेंट परीक्षा देने वाले छात्र अपनी मुख्य परीक्षा के परिणाम के आधार पर पास रहेंगे, लेकिन इम्प्रूवमेंट परीक्षा से प्राप्त नया परिणाम फिलहाल जारी नहीं किया जाएगा.

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2026 में कितने छात्रों ने दी परीक्षा?

हाईस्कूल कम्पार्टमेंट परीक्षा में 20,855 पंजीकृत छात्रों में से 19,394 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 19,191 पास हुए. वहीं इंटरमीडिएट कम्पार्टमेंट परीक्षा में 21,227 में से 20,540 छात्र शामिल हुए और 16,286 परीक्षार्थी सफल रहे.
बोर्ड ने दिया सख्त संदेश इस मामले के बाद यूपी बोर्ड ने स्पष्ट संकेत दिया है कि परीक्षा में अनुचित साधनों का इस्तेमाल भारी पड़ सकता है. उत्तरपुस्तिका में पैसे रखकर परीक्षक को प्रभावित करने की कोशिश से रिजल्ट रुक सकता है और जांच का सामना करना पड़ सकता है. छात्रों के लिए संदेश साफ है कि परीक्षा में सफलता का रास्ता मेहनत और सही तरीके से ही होकर गुजरता है.

भारत एक्सप्रेस



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