Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

मैथिली बिहार की सबसे युवा विधायक, 79 साल के बुजुर्ग भी नितीश सरकार में बनेंगे हिस्सेदार; जानें सीट और जीत का आंकडा

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में अनुभव और युवाशक्ति दोनों की झलक देखने को मिली. यह चुनाव साबित करता है कि बिहार के मतदाता विकास, नेतृत्व और भरोसे को प्राथमिकता दे रहे हैं.

Bihar Election 2025: बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में इस बार रिकॉर्ड तोड़ जीत और उम्र से जुड़े कई दिलचस्प आंकड़े सामने आए हैं. जहां एक ओर अनुभवी नेताओं ने भारी अंतर से जीत दर्ज की, वहीं दूसरी ओर युवा चेहरों ने भी राजनीति में नई उम्मीद जगाई है. आइए जानते हैं इस चुनाव के दो सबसे खास नाम, सबसे अधिक उम्र में जीत दर्ज करने वाले हरिनारायण सिंह और सबसे कम उम्र में विधानसभा पहुंचने वाली मैथिली ठाकुर के बारे में.

हरिनारायण सिंह की ऐतिहासिक जीत

हरनौत सीट पर जनता दल यूनाइटेड (JDU) के वरिष्ठ नेता हरिनारायण सिंह ने बड़ी ही शानदार जीत दर्ज की है. 79 वर्ष की उम्र में चुनाव जीतकर उन्होंने बिहार राजनीति में एक नया रिकॉर्ड बनाया है. इस विजयी प्रदर्शन को चुनावी विश्लेषक “अनुभव की जीत” बता रहे हैं.

हरिनारायण सिंह को कुल 1,06,954 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के अरुण कुमार को 48,335 वोट हासिल हुए. इस तरह उन्होंने 58 हजार से अधिक वोटों से प्रतिद्वंद्वी को मात दी है. इस अंतर ने उन्हें इस चुनाव में “सबसे अधिक मतों के अंतर से जीतने वाले उम्मीदवारों” की सूची में ऊपर लाकर खड़ा किया है.

हरिनारायण सिंह राजनीति का एक जाना-पहचाना चेहरा हैं. यह उनका 13वां चुनाव था और इससे पहले वे 8 बार जीत दर्ज कर चुके थे. लगातार कई बार जनता का भरोसा जीतना यह साबित करता है कि हरिनारायण सिंह का जनाधार बेहद मजबूत है और लोग आज भी उनके काम पर भरोसा करते हैं.

मैथिली ठाकुर बनीं युवा चेहरों की पहचान

जहां वरिष्ठ नेता अपने अनुभव के दम पर चुनावी मैदान में छाए रहे, वहीं अलीनगर से युवा उम्मीदवारों में मैथिली ठाकुर की सबसे ज्यादा चर्चा हुई. मैथिली ठाकुर इस चुनाव में सबसे कम उम्र की विजेता बनकर उभरी हैं. सोशल मीडिया पर बड़ी लोकप्रियता रखने वाली मैथिली ने राजनीति में कदम रखते ही अपनी अलग पहचान बना ली है. मैथिली ठाकुर को कुल 84,915 वोट हासिल हुए है. वहीं उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी राष्ट्रीय जनता दल के विनोद मिश्रा को 73,185 वोट हासिल हुए है.

मैथिली ठाकुर की जीत को “नए बिहार की नई सोच” के रूप में देखा जा रहा है. राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि मैथिली ठाकुर की जीत युवा मतदाताओं के बढ़ते प्रभाव और राजनीति में नई ऊर्जा का संकेत है. उनकी लोकप्रियता और साफ-सुथरी छवि ने युवाओं को खास तौर पर आकर्षित किया.

बिहार चुनाव 2025 का संदेश

बिहार चुनाव 2025 ने यह साफ कर दिया है कि राज्य की राजनीति में अनुभव और युवाशक्ति दोनों का समान महत्व है. जहां एक ओर हरिनारायण सिंह जैसे अनुभवी नेता जनता का अपार विश्वास जीत रहे हैं, वहीं दूसरी ओर मैथिली ठाकुर जैसे नए चेहरे लोगों में नई उम्मीद जगा रहे हैं. यह चुनाव साबित करता है कि बिहार में मतदाता अब विकास, नेतृत्व क्षमता और विश्वास को प्राथमिकता दे रहे हैं.

ये भी पढ़े- ‘तेजस्वी फेलस्वी हो गया, मैं तो हारकर जीता हूं’; ‘जयचंदों’ की हार पर क्या बोले तेजप्रताप?

भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

Latest