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‘भाजपा दा नारा, नशा मुकाउना सारा’! विधानसभा चुनाव से पहले BJP पंजाब में शुरू करने जा रही ये बड़ा अभियान, पढ़ें पूरा रूट प्लान

NASHA MUKT PUNJAB YATRA: पंजाब में नशे के बढ़ते संकट, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के खिलाफ भाजपा ने राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की है. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट के माधोपुर से चार चरणों वाली ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Nasha Mukt Punjab Yatra BJP 2026: पंजाब में नशे के विकराल होते संकट, बिगड़ती कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक भ्रष्टाचार के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्यव्यापी जन-आंदोलन का शंखनाद कर दिया है. भाजपा राज्य की सभी 117 विधानसभा सीटों पर जनता को एकजुट करने के लिए ‘भाजपा दा नारा, नशा मुकाउना सारा’ (भाजपा का नारा, नशा पूरी तरह खत्म करना) टैगलाइन के तहत चार व्यापक ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राएं’ निकालेगी.

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन 18 सितंबर को पठानकोट जिले के माधोपुर से इस ऐतिहासिक यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे.

तीन प्रमुख मुद्दों पर रहेगा फोकस: नशा, कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार

प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि यह यात्रा पंजाब के सामने खड़े तीन सबसे बड़े संकटों पर केंद्रित होगी:

  • ड्रग्स का बढ़ता जाल: जो पंजाब की युवा पीढ़ी और परिवारों को तबाह कर रहा है.
  • बिगड़ती कानून-व्यवस्था: अपराध, फिरौती, गैंगवार और हिंसा में लगातार हो रही वृद्धि.
  • प्रशासनिक भ्रष्टाचार: थाने-तहसील से लेकर शीर्ष स्तर तक फैला भ्रष्टाचार.

ढिल्लों ने भावुक होते हुए कहा:

“यह केवल नशामुक्ति का सामान्य अभियान नहीं है, बल्कि यह गुरुओं की पावन धरती, हमारी संस्कृति, साहस और ‘पंजाबियत’ के गौरव को बचाने की लड़ाई है. जो युवा देश की सीमाओं की रक्षा और खेलों में देश का नाम रोशन करते थे, आज उन्हें नशे के दलदल में धकेला जा रहा है. परिवार इलाज के लिए जमीनें बेचने और कर्ज में डूबने को मजबूर हैं.”

चार यात्राओं का विस्तृत रूट चार्ट (सभी का समापन जालंधर में होगा)

पहली यात्रा (18 सितंबर): पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन माधोपुर (पठानकोट) से इसे रवाना करेंगे. यह सुजानपुर, भोआ, दीना नगर, गुरदासपुर, कादियां, बटाला, डेरा बाबा नानक, मजीठा, अमृतसर के विभिन्न क्षेत्रों, तरनतारन, खडूर साहिब, खेमकरण, फिरोजपुर, सुल्तानपुर लोधी और कपूरथला होते हुए जालंधर कैंट पहुंचेगी.

दूसरी यात्रा (19 सितंबर): ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होकर यह यात्रा शुरू होगी. यह समराला, खन्ना, मोहाली, खरड़, चमकौर साहिब, रोपड़, आनंदपुर साहिब, होशियारपुर, दसूया और मुकेरियां होते हुए जालंधर पहुंचेगी.

तीसरी यात्रा (20 सितंबर): फाजिल्का स्थित सादिकी बॉर्डर (आसफवाला 1971 युद्ध स्मारक) से शुरू होगी. यह बल्लुआना, अबोहर, जलालाबाद, मुक्तसर साहिब, मलोट, कोटकपुरा, फरीदकोट, मोगा, जगराओं और दाखा से गुजरकर जालंधर में संपन्न होगी.

चौथी यात्रा (21 सितंबर): तलवंडी साबो स्थित गुरुद्वारा श्री दमदमा साहिब में अरदास के साथ शुरू होगी. यह बठिंडा, मानसा, सरदूलगढ़, बुढलाडा, बरनाला, धूरी, संगरूर, सुनाम और नाभा होते हुए जालंधर पहुंचेगी.

चारों यात्राएं राज्य की सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों के गांवों और कस्बों में जनसंवाद करते हुए अंततः जालंधर में एक विशाल जनसभा के साथ संपन्न होंगी.



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