Tamil Nadu elections voter turnout: भारतीय लोकतांत्रिक इतिहास में आज (23 अप्रैल) का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया है. आज तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में मतदाताओं ने जिस उत्साह का परिचय दिया, उसने पिछले सात दशकों के सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं. मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इस मतदान को “आजादी के बाद का सबसे ऐतिहासिक मतदान” करार दिया है.
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में इस बार मतदान ने नया इतिहास रच दिया. आजादी के बाद पहली बार इतना ज्यादा वोटिंग प्रतिशत दर्ज किया गया. मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने इसे सबसे ऐतिहासिक मतदान बताया. लोगों ने बड़ी संख्या में घरों से निकलकर लोकतंत्र के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई.
शाम 6 बजे तक 84.64% मतदान
चुनाव आयोग के अनुसार, शाम 6 बजे तक राज्य में कुल 84.64 प्रतिशत मतदान हुआ. यह आंकड़ा दिखाता है कि लोग अपने वोट को लेकर कितने जागरूक हैं. खासकर ग्रामीण इलाकों में शहरों के मुकाबले ज्यादा उत्साह देखने को मिला.
इन जिलों में सबसे ज्यादा वोटिंग
कुछ जिलों में मतदान 90 प्रतिशत से भी ऊपर पहुंच गया.
- करूर: 92.28% (सबसे ज्यादा)
- सलेम: 90.38%
- धर्मपुरी: 89.99%
- इरोड: 89.93%
वहीं चेन्नई, मदुरै और तिरुनेलवेली जैसे शहरों में शुरुआत में धीमी वोटिंग रही, लेकिन शाम तक वहां भी लंबी कतारें देखी गईं.
234 सीटों पर हुआ चुनाव
राज्य की सभी 234 विधानसभा सीटों पर वोट डाले गए. इस बार 3500 से ज्यादा उम्मीदवार मैदान में उतरे. निर्दलीय उम्मीदवारों की संख्या भी पहले से ज्यादा रही.
भाजपा ने 23 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे, जबकि बाकी सीटों पर सहयोगी दलों का समर्थन किया. मुख्य मुकाबला DMK और AIADMK गठबंधन के बीच रहा.
कड़ी सुरक्षा व्यवस्था
चुनाव को शांतिपूर्ण बनाने के लिए कड़े इंतजाम किए गए थे. पुलिस और केंद्रीय बलों की तैनाती की गई. संवेदनशील क्षेत्रों में ड्रोन और सीसीटीवी से निगरानी रखी गई. अच्छी बात यह रही कि कहीं से भी किसी बड़ी हिंसा की खबर नहीं आई.
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वोटिंग बढ़ने की बड़ी वजहें
विशेषज्ञों के अनुसार इस बार तमिलनाडु में रिकॉर्ड मतदान के पीछे कई अहम कारण रहे. पहली बार वोट देने वाले युवाओं की बड़ी संख्या ने इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, वहीं सोशल मीडिया के जरिए चलाए गए जागरूकता अभियानों ने लोगों को मतदान के लिए प्रेरित किया. इसके अलावा, कड़ा राजनीतिक मुकाबला होने से मतदाताओं को अपने वोट की अहमियत का एहसास हुआ, जबकि विभिन्न पार्टियों द्वारा घोषित योजनाएं और वादों ने भी लोगों को बूथ तक आने के लिए आकर्षित किया.
अब सबकी नजर नतीजों पर
इतनी बड़ी संख्या में हुई वोटिंग के बाद अब सभी को मतगणना का इंतजार है. ईवीएम में कैद जनता का फैसला 4 मई को सामने आएगा और तय होगा कि तमिलनाडु में अगली सरकार किसकी बनेगी.
-भारत एक्सप्रेस
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