चुनाव

आज से शुरू हुआ लोकतंत्र का सबसे बड़ा उत्सव, जानें कौन से मुद्दे रहे सबसे अधिक चर्चित

18वीं लोकसभा के चुनाव के लिए आज पहले चरण का मतदान शुरू हो चुका है. कुल 16.63 करोड़ मतदाता पहले चरण में 102 लोकसभा के 1625 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. इसके लिए 1.87 लाख मतदान केंद्र बनाए गए हैं.

सभी 7 चरणों के मुकाबले इस चरण में संसदीय क्षेत्रों की संख्या सबसे अधिक है. बेरोजगारी, महिलाओं के खिलाफ हिंसा, किसानों की लंबे समय से लंबित शिकायतें, पेपर लीक, आदिवासियों के भूमि अधिकार के मुद्दे और कीमतों में वृद्धि जैसे प्रमुख मुद्दे देश भर में सबसे अधिक चर्चा में रहे. सेंटर फॉर स्टडी ऑफ डेवलपिंग सोसाइटीज (सीएसडीएस) के हालिया चुनाव पूर्व सर्वेक्षण से पता चला है कि भारत में मतदाताओं के लिए सबसे बड़ी चिंता मूल्य वृद्धि और बेरोजगारी है.

चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा का असर चुनाव पर

अरुणाचल प्रदेश में जहां पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ हो रहे हैं, यहां पर बुनियादी ढांचे और सीमा क्षेत्र के विकास को प्रमुख चुनावी मुद्दों के रूप में देखा जा रहा है. अरुणाचल में दो लोकसभा सीटों और 60 सदस्यीय विधानसभा के लिए मतदान होगा. अरुणाचल के अलावा सिक्किम में भी पहले चरण में लोकसभा और विधानसभा चुनाव एक साथ होंगे.

हिमालयी राज्य में 32 विधानसभा सीटों और एक लोकसभा सीट के लिए मतदान होगा. असम में चाय बागान श्रमिकों की दुर्दशा का असर चुनाव पर पड़ेगा क्योंकि एस्टेट श्रमिक बेहतर सुविधाओं और मजदूरी की मांग कर रहे हैं. कथित तौर पर, स्वास्थ्य और शिक्षा भी संपत्ति श्रमिकों द्वारा उठाई गई प्रमुख मांगों में से एक है.असम की 14 लोकसभा सीटों में से पहले चरण में पांच लोकसभा सीटों पर मतदान होगा.

मणिपुर हिंसा 

मणिपुर, जिसने लगभग एक साल तक हिंसा और जातीय विभाजन देखा है, भी मतदान करेगा. ईसीआई ने आंतरिक रूप से विस्थापित मतदाताओं के लिए विशेष व्यवस्था की है. मणिपुर में अपने संसदीय क्षेत्रों के लिए दो चरणों में चुनाव होंगे. आंतरिक मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र में 19 अप्रैल को मतदान होगा, जबकि बाहरी मणिपुर निर्वाचन क्षेत्र में मतदान दो दिन 19 अप्रैल और 26 अप्रैल को होगा. लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मतदान के लिए इंफाल पूर्व में एक राहत शिविर के पास आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों के लिए नौ विशेष मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं.

महंगाई समेत ये मुद्दे रहे प्रभावी

राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश समेत अन्य राज्यों में महंगाई, किसानों के मुद्दे, महिलाओं के खिलाफ अपराध और पेपर लीक सबसे ज्यादा चर्चा में रहे. केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में लंबित पूर्ण राज्य का दर्जा केंद्र में आ गया. तमिलनाडु ने लोगों की अदालत में अंतिम फैसले की प्रतीक्षा करते हुए प्रस्तावित एम्स, एनईईटी परीक्षा से छूट और बाढ़ राहत की मांग की है.

Rohit Rai

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