अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून के करीब आते ही देशभर में योग को लेकर माहौल और भी सक्रिय हो गया है. इसी कड़ी में आयुष मंत्रालय लगातार अलग-अलग क्षेत्रों की जानी-मानी हस्तियों के वीडियो साझा कर रहा है, ताकि आम लोगों को योग अपनाने के लिए प्रेरित किया जा सके. मंत्रालय का मानना है कि जब लोग अपने पसंदीदा चेहरों को योग के फायदे बताते हुए देखते हैं, तो वे खुद भी इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए आगे आते हैं.
इसी अभियान के तहत हाल ही में अभिनेत्री जूही चावला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया गया, जिसमें उन्होंने अपने लंबे योग सफर और उससे मिले अनुभवों को बेहद सहज तरीके से बताया.
20 साल का योग सफर और शुरुआती चुनौतियां
वीडियो में जूही चावला ने बताया कि उन्होंने करीब दो दशक पहले योग की शुरुआत की थी. शुरुआत में यह सफर आसान नहीं था. कई आसन करते समय शरीर में दर्द महसूस होता था और कई बार समझ भी नहीं आता था कि आखिर यह अभ्यास क्यों जरूरी है. लेकिन धीरे-धीरे जब उन्होंने नियमित रूप से योग करना शुरू किया, तो उनके अनुभव बदलने लगे.
उन्होंने खास तौर पर शवासन का जिक्र करते हुए कहा कि हर क्लास के अंत में मिलने वाली वह शांति और ताजगी उन्हें फिर से ऊर्जा से भर देती थी. यही अनुभव उन्हें लगातार योग से जोड़े रखता गया.
जूही चावला के मुताबिक, योग सिर्फ शरीर को फिट रखने का तरीका नहीं है, बल्कि यह मन को शांत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने का भी एक माध्यम है. आज की तेज़ रफ्तार जिंदगी में, जहां काम का दबाव, सामाजिक जिम्मेदारियां और मानसिक तनाव बढ़ता जा रहा है, वहां योग एक संतुलन बनाने में मदद करता है.
उन्होंने यह भी कहा कि योग करने से सोच स्पष्ट होती है और व्यक्ति खुद को ज्यादा सकारात्मक महसूस करता है. इसलिए यह हर उम्र के लोगों के लिए बेहद जरूरी है.
आयुष मंत्रालय का संदेश और योग का वैश्विक सफर
आयुष मंत्रालय ने इस वीडियो को साझा करते हुए अपने ‘योगा 365’ अभियान को अपनाने की अपील की है. मंत्रालय का कहना है कि योग को सिर्फ एक दिन का आयोजन नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत बनाना चाहिए.
इस मौके पर जूही चावला ने भारतीय ऋषि-मुनियों की इस प्राचीन परंपरा के लिए आभार जताया और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की भी सराहना की, जिनके प्रयासों से योग को आज अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है.
अभिनेत्री ने लोगों से अपील की कि वे योग दिवस 2026 से पहले ही इसे अपनी दिनचर्या में शामिल करें और इसे केवल अभ्यास नहीं, बल्कि एक स्वस्थ जीवनशैली के रूप में अपनाएं.
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-भारत एक्सप्रेस
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