होली के रंग कैसे छुड़ाएं? आसान और असरदार 10 तरीके
फिल्म 'कुत्ते' नए तरह का सिनेमा और कमाल के ट्विस्ट एंड टर्न वाली फिल्म है (फोटो)
Kuttey Review: जब फिल्म का नाम ‘कुत्ते’ हो और ‘कमीने’ नाम की फिल्म बना चुके विशाल भारद्वाज के बेटे आसमान भारद्वाज के डायरेक्शन में बन रही पहली फिल्म हो तो उम्मीदें बढ़ जाती हैं और ये फिल्म उम्मीदों पर खरी उतरती है. बॉलीवुड वाले कुछ नया क्यों नहीं करते ये फिल्म इस सवाल का भी जवाब देती है.
फिल्म देखने के बाद ये बताना मुश्किल है कि फिल्म की कहानी क्या है और यही तो इस फिल्म की खासियत है. इस फिल्म का हर किरदार एक दूसरे के पीछे पड़ा है. एक दूसरे की जान का दुश्मन हैऔर हर किरदार रंग बदलता है. सबको पैसा चाहिए, लेकिन किसे मिलेगा? इसके लिए फिल्म देखने थिएटर जाना पड़ेगा. ट्विस्ट एंड टर्न होश उड़ाएंगे, एंटरटेन करेंगे, मजा आएगा, सीटी भी बजाएंगे आप और ये भी सोचेंगे कि क्या हर इंसान ‘कुत्ता’ ही होता है.
फिल्म के हर किरदार ने शानदार काम किया है. तब्बू का काम बेहतरीन है.वो पुलिस अफसर के किरदार में छा गई हैं. फिल्म की जान वही लगती हैं.अर्जुन कपूर का काम भी अच्छा है. मंझे हुए एक्टर्स के बीच अर्जुन ने दम दिखाया है. नसीरुद्दीन शाह कम दिखते हैं लेकिन कमाल कर जाते हैं. राधिका मदान ने जबरदस्त काम किया है. राधिका का किरदार गजब का ट्विस्ट लाता है और राधिक ने अपनी दमदार एक्टिंग से इस ट्विस्ट को और मजेदार बना दिया है. कुमुद मिश्रा का काम हर बार की तरह कमाल है. कोंकणा सेन भी कम आती हैं लेकिन जबरदस्त एक्टिंग करती हैं. हर किरदार का बदलता रंग इस फिल्म में और जान डाल देता है.
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आसमान भारद्वाज ने पापा विशाल भारद्वाज की लिगेसी को शानदार तरीके से आगे बढ़ाया है. पहले सीन से फिल्म आपको कुछ अलग लगती है. बांधे रखती है. कहीं ढीली नहीं पड़ती और सेकेंड हाफ में तो एक के बाद एक ट्विस्ट आपको हैरान कर देती हैं. आसमान ने दिखा दिया है कि उनमें एक शानदार डायरेक्टर बनने के सारे गुण हैं और कुछ नया करने का भी दम है.
फिल्म के गीत गुलजार ने लिखे हैं और क्या खूब लिखे हैं. हर गाना कमाल का है. विशाल भारद्वाज ने फिल्म का म्यूजिक दिया है और फिल्म का म्यूजिक फिल्म को और मजबूत बनाता है. बैकग्राउंड स्कोर भी कमाल का है. कुल मिलाकर ये फिल्म आपको कुछ नया देती है. अलग तरह की फिल्में देखने को शौकीन हैं तो ये फिल्म काफी मजेदार लगेगी और नए तरह के सिनेमा को सपोर्ट नहीं करेंगे तो नया सिनेमा बनेगा कैसे? तो जरूर देखिएगा ‘कुत्ते’ पता चलेगा कि ‘कुत्ता’ आखिर है कौन.
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