Bharat Express DD Free Dish
Pension Mission Shakti Digital
Pension Mission Shakti Digital

विनोद कापड़ी की फिल्म ‘पायर’ ने 24वें इमैजिन इंडिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में जीते 3 बड़े अवॉर्ड

Pyre Film: 24वें इमैजिन इंडिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल पायर फिल्म ने तीन अहम अवॉर्ड अपने नाम किए हैं. इस फिल्म को बेस्ट सिनेमाटोग्राफी, बेस्ट स्क्रीनप्ले और बेस्ट फिल्म कैटेगरी में स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया.

Pyre Film

भारतीय फिल्म पायर ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर कमाल कर दिखाया है. स्पेन में आयोजित 24वें इमैजिन इंडिया इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में ‘पायर’ फिल्म ने तीन अहम अवॉर्ड अपने नाम किए हैं.

इस फिल्म फेस्टिवल में सिनेमैटोग्राफर माणस भट्टाचार्य को बेस्ट सिनेमाटोग्राफी, निर्देशक विनोद कापड़ी को बेस्ट स्क्रीनप्ले और फिल्म को बेस्ट फिल्म कैटेगरी में स्पेशल मेंशन से सम्मानित किया गया. खास बात ये रही कि पायर को इस बार छह कैटेगरी में नॉमिनेशन मिला था.

जुलाई में बनाया था धमाकेदार रिकॉर्ड

जुलाई 2025 में पायर ने एक हफ्ते के भीतर पांच बड़े अवॉर्ड जीतकर सुर्खियां बटोरी थीं. स्पेन के एशियन समर फिल्म फेस्टिवल में इसे बेस्ट फिल्म और ज्यूरी स्पेशल मेंशन मिला था. वहीं, लंदन और बर्मिंघम इंडियन फिल्म फेस्टिवल में इसे ऑडियंस बेस्ट फिल्म अवॉर्ड से नवाज़ा गया. जर्मनी के स्टटगार्ट फिल्म फेस्टिवल में फिल्म ने ग्रैंड ज्यूरी अवॉर्ड जीता, जिसे वहां जर्मन स्टार ऑफ इंडिया कहा जाता है.

दिल छू लेती है कहानी?

पायर की कहानी हिमालय के एक बुजुर्ग दंपती पदम और तुलसी के इर्द-गिर्द घूमती है. गांव से लगातार हो रहे पलायन के बीच उन्हें डर सताता है कि उनके जाने के बाद उनका अंतिम संस्कार कौन करेगा. तभी उन्हें अपने बिछड़े बेटे का 30 साल पुराना पत्र मिलता है, जो उनकी जिंदगी को नई उम्मीद दे देता है.

ये भी पढ़ें- भयंकर झंझट में फंस गए पावरस्टार पवन सिंह, धोखाधड़ी के मामले में कोर्ट ने दिया केस दर्ज करने के आदेश

असली गांववाले बने हीरो

फिल्म की सबसे बड़ी खूबी ये है कि इसमें कोई बड़े सितारे नहीं हैं. इसमें हिमालयी गांवों के असली लोग ही कलाकार बने हैं. 80 वर्षीय पदम सिंह और 70 साल की हीरा देवी की सधी हुई अदायगी ने इस कहानी को और भी संवेदनशील बना दिया है.

इंटरनेशनल टीम और तारीफें

फिल्म का संगीत ऑस्कर विजेता मायकल डैना और अमृता वाज़ ने तैयार किया है. एडिटिंग जर्मन एडिटर पेट्रीशिया रोम्मेल ने की और गीत लिखे हैं गुलज़ार ने. इसका निर्माण विनोद कापड़ी और पत्रकार साक्षी जोशी ने किया.

फिल्म को दुनिया भर से सराहना मिल रही है. अमेरिकी फिल्ममेकर शीला नेविन्स ने इसे “असामान्य और बेहद खूबसूरत फिल्म” कहा. जापान के डायरेक्टर सियोन सोनो के शब्दों में, “यह सबसे खूबसूरत फिल्मों में से एक है.”

प्रीमियर से अब तक का सफर

नवंबर 2024 में पायर का वर्ल्ड प्रीमियर टालिन ब्लैक नाइट्स फिल्म फेस्टिवल (एस्टोनिया) में हुआ था, जहां इसे ऑडियंस चॉइस अवॉर्ड मिला. इसके बाद यह फिल्म भारत के बेंगलुरु इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल से लेकर बेल्जियम, न्यूयॉर्क और ऑस्ट्रेलिया तक अपनी छाप छोड़ चुकी है.

– भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Pension Mission Shakti Digital