Sunil Lodhi Hanuman Ansh Bhajan- bharat express
Sunil Lodhi Hanuman Ansh Bhajan: कहते हैं जब इंसान के पास सब रास्ते बंद हो जाते हैं, तब ईश्वर की कृपा का एक नया द्वार खुलता है. मध्य प्रदेश के सागर जिले के छोटे से गांव अगरा के 25 वर्षीय सुनील लोधी की कहानी भी कुछ ऐसी ही रूहानी और भावुक कर देने वाली है. जिनकी आंखों ने जन्म से ही कभी सूरज की रोशनी नहीं देखी, जिनकी जिंदगी का सफर महज दो एकड़ जमीन और मवेशियों के भरोसे कट रहा था, आज उसी सुनील की जादुई आवाज पूरे देश में गूंज रही है. आंखों के अंधेरे को मात देकर अपनी भक्ति और सुरों के दम पर सुनील ने वो मुकाम हासिल किया है, जिसकी कल्पना भी किसी गांव के चौपाल से शुरू होने वाले सफर के लिए नामुमकिन लगती है.
जब नाले के पास भटके रास्ते को भंवरे की गूंज ने दिखाया घर का पता
सुनील की जिंदगी किसी चमत्कारिक कथा से कम नहीं है. बचपन का एक किस्सा याद करते हुए सुनील बताते हैं कि एक बार वे गांव के नाले के पास रास्ता भटक गए थे. चारों तरफ सन्नाटा था और वे बेहद डर गए. जब हारकर उन्होंने ईश्वर से अपनी बेबस स्थिति की शिकायत की, तभी एक चमत्कार हुआ—एक भंवरा उनके कान के पास आकर मंडराने लगा. सुनील ने उस भंवरे की गूंज की दिशा पकड़ी और उसके सहारे सही-सलामत अपने घर पहुंच गए. इस वाकये ने सुनील के मन में हनुमान जी और ईश्वर के प्रति ऐसा अटूट विश्वास भर दिया कि उनके भजनों में एक अलग ही रूहानियत उतर आई.
तंबूरे की तान से इंदौर के स्टूडियो तक: ‘मामा’ के साथ से बदला मुकद्दर
बचपन में स्कूल की प्रार्थनाओं और गांव के धार्मिक आयोजनों में तंबूरा बजाकर भजन गाने वाले सुनील को 2019 में एक नया सहारा मिला. ‘बुंदेली दुनिया’ के रोहित साहू, जिन्हें सुनील प्यार से ‘मामा’ कहते हैं, ने उनके हुनर को पहचाना और उसे इंटरनेट के जरिए दुनिया के सामने रखा. ‘दूल्हा बनकर आ गव ठेला’ से शुरू हुआ यह सफर जब ‘मोरे संकट के कटैया हनुमान’ पर पहुंचा, तो इंदौर के स्टूडियो में रिकॉर्ड हुए इस भजन ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया. 2.8 करोड़ से ज्यादा लोगों ने इस भजन को सुना और सुनील रातों-रात गूगल डिस्कवर की नई सनसनी बन गए.
वर्सोवा बीच की फोटो और आधी रात 12 बजे बदला सुनील का भाग्य
इंदौर में मिली कामयाबी के बाद सुनील और रोहित मुंबई के साईं बाबा स्टूडियो पहुंचे. रिकॉर्डिंग के बाद जब वे वर्सोवा बीच घूमने गए, तो रोहित ने सुनील की एक फोटो इंस्टाग्राम पर साझा की. नीम करोली बाबा पर आधारित बॉलीवुड फिल्म ‘हनुमान अंश’ के डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने जैसे ही वह पोस्ट देखी, वे सुनील की सादगी और प्रतिभा से प्रभावित हुए बिना न रह सके. महज दो किलोमीटर दूर ठहरे सुनील को रात 12 बजे तुरंत स्टूडियो बुलाया गया. जब सुनील ने तंबूरे की धुन पर गाया—‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान, सागर में नैया डार दई…’—तो पूरी टीम की आंखें नम हो गईं. बिना किसी देरी के इस भजन को फिल्म ‘हनुमान अंश’ का मुख्य गीत बना दिया गया.
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‘हनुमान अंश’ का यह गीत नहीं, मेरी अपनी जिंदगी की दास्तान है
आज फिल्म ‘हनुमान अंश’ का यह भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे हनुमान…’ हर भारतीय के दिल को छू रहा है और इंस्टाग्राम पर इस पर लाखों रील्स बन रही हैं. सुनील कहते हैं, “यह सिर्फ एक भजन नहीं है, यह मेरी अपनी जिंदगी का कड़वा और मीठा सच है. मैंने भी अपनी जिंदगी की डगमगाती नैया हनुमान जी के ही भरोसे छोड़ दी थी, और उन्होंने हर संकट से उबारकर मेरी नैया पार लगा दी.”
जुबिन नौटियाल से जुगलबंदी का सपना और एक समझदार हमसफर की चाह
फिल्म ‘हनुमान अंश’ सुनील के करियर का महज पहला पड़ाव है. डायरेक्टर ने फिल्म के आने वाले अगले दो पार्ट्स में भी उनसे भजन गवाने का वादा किया है. अपनी इस कामयाबी के बीच सुनील का सबसे बड़ा सपना बॉलीवुड गायक जुबिन नौटियाल के साथ एक डुएट भजन गाना है. वहीं जब जीवनसंगिनी के बारे में पूछा जाता है, तो वे बड़ी सादगी से कहते हैं, “मुझे एक ऐसी जीवनसाथी चाहिए जो मेरी आंखों की कमी को नहीं, बल्कि मेरे हुनर और मेरे साफ दिल को समझे.” अगरा के चौपाल से निकला यह ‘सूरदास’ आज सिद्ध कर चुका है कि अगर भक्ति में शक्ति हो, तो रास्ते का हर अंधेरा मिट जाता है.
भारत एक्सप्रेस
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