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Fact Check: पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के सड़ रहे राशन का दावा करने वाला वीडियो गलत, जाने असल कहानी

पंजाब में आई भीषण बाढ़ से हर तरफ त्राहिमाम मचा हुआ है. देश के अलग-अलग हिस्से से लोग उनकी मदद के लिए खड़े हो रहे है. पंजाब पीड़ितो की मदद के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य खाद्य सामग्री और दवाइयां भेज रहे है.

Fact Check: पंजाब में आई भीषण बाढ़ से हर तरफ त्राहिमाम मचा हुआ है. देश के अलग-अलग हिस्से से लोग उनकी मदद के लिए खड़े हो रहे है. पंजाब पीड़ितो की मदद के लिए हरियाणा और उत्तर प्रदेश सहित अन्य राज्य खाद्य सामग्री और दवाइयां भेज रहे है.

इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में रोटियां और खाने-पीने का सामान जमीन पर बिखरा हुआ दिखाई दे रहा है, दावा किया जा है की ये कुड़े की तरह बिखरा हुआ राशन पंजाब के बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजा गया था, जो पड़े-पड़े सड़ रहा है.

वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम और फेसबुक पर तेजी से शेयर किया जा रहा है. यूजर्स पंजाब में प्रशासन द्वारा राशन वितरण की व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े कर रहे हैं.

क्या है वीडियो की हकीकत

 

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मामले की छानबीन करने पर पता चलता है कि यह वीडियो पंजाब का नहीं बल्कि महाराष्ट्र का है और मराठा आंदोलन से संबंधित है. असल में ये राशन मराठा आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों के लिए इकट्ठा किया गया था.

जांच करते समय जब इस वीडियो को रिवर्स सर्च किया तो इससे मिलती-जुलती क्लिप्स सोशल मीडिया पर पहले से मौजूद मिलीं, जिसमें बताया गया था कि यह खाना मराठा आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों के लिए भेजा गया था. इसके बाद लोकसत्ता का 2 सितंबर का इंस्टाग्राम पोस्ट सामने आया जिसमें वायरल वीडियो जैसी ही तस्वीरें दिख रही थीं. इस पोस्ट में भी यही लिखा था कि लाखों रोटियां और अन्य सामग्री अलग-अलग गांवों से इकट्ठा कर मुंबई भेजी गई थी.

लोकसत्ता की रिपोर्ट के अनुसार, यह आंदोलन मुंबई के आजाद मैदान में चल रहा था, जहां मराठा समाजसेवी मनोज जरांगे आरक्षण की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे थे. आंदोलन लंबा चला और प्रदर्शनकारियों के पास खाना खत्म होने के कारण महाराष्ट्र के कई गांवों से लोगों ने बड़ी मात्रा में रोटियां और राशन भिजवाया था, जिसे नवी मुंबई के सिडको एग्ज़िबिशन सेंटर के बाहर एकत्रित करवाया गया था.

इस बात की पुष्टि तब हुई जब गूगल मैप्स पर मिली तस्वीरें वायरल वीडियो वाली लोकेशन की है. इससे ये साफ हो जाता है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने वाला ये वीडियो पंजाब बाढ़ का नहीं है. इसलिए वीडियों को लेकर किए जा रहे सभी गलत साबित होते हैं.

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-भारत एक्सप्रेस



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