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Fact Check: क्या एम्बुलेंस को रास्ता देती भारी भीड़ का ये वीडियो तेजस्वी-राहुल की बिहार वोटर यात्रा है? जानिए इसके पीछे का सच

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एंबुलेंस को भारी भरकम भीड़ के बीच जाने के लिए जगह दी जा रही है. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो तेजस्वी-राहुल की यात्रा के दौरान की है. लेकिन जब इस वीडियो की पड़ताल की गई तो सच कुछ और ही निकला.

Fact Check

Fact Check: सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें भारी जनसैलाब के बीच से एक एम्बुलेंस को मानव श्रृंखला बनाकर रास्ता दिया गया. वीडियो को कुछ लोग बिहार की वोटर अधिकार यात्रा से जोड़कर शेयर कर रहे थे, जिसमें कांग्रेस नेता राहुल गांधी, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव, सपा प्रमुख अखिलेश यादव और अन्य विपक्षी नेता शामिल हैं.

क्या है वीडियो के पीछे का सच?

लेकिन जब इस वीडियो की पड़ताल की गई तो पता चला कि यह वीडियो बिहार का नहीं है. कीफ्रेम्स और रिवर्स सर्च के माध्यम से पता चला कि यह वीडियो पुरी, ओडिशा का है. जून 2025 में जगन्नाथ रथयात्रा के दौरान भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के करीब 1500 कार्यकर्ताओं ने मानव श्रृंखला बनाकर एम्बुलेंस को रास्ता दिया था.

मोदी जी पर साधा निशाना

इस वीडियो को X पर शेयर करते हुए एक व्यक्ति ने लिखा मोदीजी ये आपकी तरह किया गया स्क्रिप्ट तथाकथित वीडियो नहीं है जैसे आप दर्शाते हैं ये वीडियो बिहार का है यात्रा के बीच एंबुलेंस आ गई पूरा जन समुह उनके लिए रास्ता बना दिए. ना कोई पब्लिसिटी ना मीडिया में मोदीजी की तरह प्रचार प्रसार यही मोदीजी करते तो मीडिया अबतक ब्रेकिंग न्यूज चलाता यही फर्क़ है सच्चे नेता में और जुमले बाज नेता में.

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X पोस्ट के जरिए मिला रिकॉर्ड

वायरल वीडियो में दिख रही भीड़ और मानव श्रृंखला पुरी रथयात्रा की है, न कि बिहार की वोटर अधिकार यात्रा की. वीडियो के कीफ्रेम्स 27 जून, 2025 के X पोस्ट के रिकॉर्ड में मिला है. वीडियो में ‘बाजार कोलकाता’ इमारत दिखाई देती है, जो पुरी में जगन्नाथ मंदिर के पास है. वायरल क्लिप में सफेद-हरी एम्बुलेंस के माध्यम से लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई थी, जिसमें कई लोग उमस और घुटन के कारण बेहोश हो गए थे.

ओडिशा का है असली वीडियो

वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया जा रहा था. असली वीडियो ओडिशा का है और इसमें बीजेपी कार्यकर्ता श्रद्धालुओं की मदद कर रहे हैं. यह साबित करता है कि सोशल मीडिया पर वायरल क्लिप हमेशा सही नहीं होती और फैक्ट चेक करना ज़रूरी है.

-भारत एक्सप्रेस 



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