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मंदिरों का सोना बेचने जा रही है भारत सरकार? वित्त मंत्रालय ने पोस्ट शेयर कर दी सही जानकारी

 Ministry Of Finance share x post: सरकार मंदिरों में रखे गए सोने के बदले उन्हें गोल्ड बॉन्ड जारी करने की योजना बना रही है. इस मामले पर वित्त मंत्रालय ने अहम जानकारी दी है.

 Ministry Of Finance share x post

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 Ministry Of Finance share x post:  हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनता से एक साल तक सोना ना खरीदने की अपील की थी. सोना ना खरीदने के पीछे वजह विदेशी मुद्रा बचाना था. भारत हर साल 700 टन से ज्यादा सोना आयात करता है, देश की व्यवस्था सही हो सके इसके लिए प्रधानमंत्री ने कुछ चीजों का कम प्रयोग ( जैसे रसोई गैस, फ्यूल, पैट्रोल- डीजल) करने की भी अपील की थी. इन सब के बीच कुछ मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया पोस्ट्स में दावा किया गया है कि सरकार मंदिरों में रखे गए सोने के बदले उन्हें गोल्ड बॉन्ड जारी करने की योजना बना रही है. साथ ही यह भी दावा किया जा रहा है कि मंदिरों में रखे सोने के मोनेटाइजेशन से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. आपको बता दें कि इस प्रकार की खबर महज अफवाह है. वहीं सरकार ने भी इस तरह के दावों को फर्जी और अफवाह बताया है. इस मामले में केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी भी शेयर की है.

वित्त मंत्रालय की तरफ से पोस्ट शेयर कर दी गई जानकारी

केंद्रीय वित्त मंत्रालय की तरफ से एक्स पर एक पोस्ट शेयर कर इस मामले में बताया कि कुछ मीडिया रिपोर्टों में यह अफवाह फैलाई जा रही है कि भारत सरकार मंदिरों के स्वर्ण भंडार के बदले उन्हें स्वर्ण बांड जारी करने की योजना बना रही है या मंदिरों के स्वर्ण भंडार के मुद्रीकरण के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है. देश भर में मंदिर ट्रस्टों या किसी भी धार्मिक संस्था के पास मौजूद सोने के मुद्रीकरण की योजना शुरू करने की सरकार की योजना से संबंधित अटकलें और अफवाहें पूरी तरह से झूठी, भ्रामक और निराधार हैं. यह भी स्पष्ट किया जाता है कि मंदिर के शिखरों, दरवाजों या अन्य मंदिर संरचनाओं पर लगी सोने की प्लेटों को “भारत के रणनीतिक स्वर्ण भंडार” के रूप में माना जाएगा, यह दावा भी झूठा, भ्रामक और पूरी तरह से निराधार है.

इन पर विश्वास न करें और इन्हें प्रसारित न करें. अपुष्ट जानकारी फैलाना जनता को गुमराह कर सकता है. सरकार सभी नागरिकों से आग्रह करती है कि वे केवल आधिकारिक और अधिकृत सूचनाओं पर ही भरोसा करें. नीतिगत निर्णयों या किसी भी जानकारी के लिए आधिकारिक प्रेस विज्ञप्तियों, सरकारी सत्यापित प्रकाशन प्लेटफार्मों के माध्यम से दी गई जानकारी को ही मानें.

  • भारत एक्सप्रेस


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