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Waqf Bill: JPC Meeting में हंगामे के बाद 10 विपक्षी सांसद निलंबित, अब 27 जनवरी को होगी अगली बैठक

Waqf Bill : वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर जेपीसी की बैठक के दौरान हंगामे के बाद 10 विपक्षी सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया. निलंबित सांसदों में कल्याण बनर्जी, मोहम्मद जावेद, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी शामिल हैं.

JPC Meeting
Vijay Ram Edited by Vijay Ram

Waqf Bill Amendment: वक्फ संशोधन विधेयक 2024 पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान हंगामे के बाद शुक्रवार को 10 विपक्षी सांसदों को एक दिन के लिए निलंबित कर दिया गया.

निलंबित सांसदों में कल्याण बनर्जी, मोहम्मद जावेद, ए राजा, असदुद्दीन ओवैसी, नासिर हुसैन, मोहिबुल्लाह, एम अब्दुल्ला, अरविंद सावंत, नदीमुल हक और इमरान मसूद शामिल हैं.

आपको बता दें कि इन सांसदों को समिति से नहीं, केवल आज की बैठक से निलंबित किया गया है.

विपक्ष का विरोध इस बात को लेकर है कि 27 जनवरी को क्लॉज बाई क्लॉज चर्चा करने का प्रस्ताव उनके अनुसार सही नहीं है. आपको बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक पर गठित संसदीय समिति 24 और 25 जनवरी को प्रस्तावित कानून पर क्लॉज बाई क्लॉज विचार करने वाली है. जेपीसी की बैठक में दोनों पक्षों के बीच हंगामा इस हद तक बढ़ गया कि मार्शल को बुलाने की नौबत आ गई.

मिली जानकारी के मुताबिक जेपीसी की बैठक के दौरान टीएमसी के कल्याण बनर्जी और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के बीच तीखी नोकझोंक हुई. इसके बाद जेपीसी की बैठक 27 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी गई है.

बैठक के बाद टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी ने जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल पर विपक्ष की बात न सुनने और कार्यवाही को मनमाने तरीके से चलाने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि हमने बार-बार 30, 31 जनवरी को बैठक आयोजित करने का अनुरोध किया, लेकिन हमारी मांग नहीं सुनी गई. जब हम कल रात दिल्ली पहुंचे, बैठक का विषय बदल दिया गया.

इस पूरे घटनाक्रम पर भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने कहा, “विपक्ष और खासकर ओवैसी जी का मानना ​​था कि जम्मू-कश्मीर का पूरा प्रतिनिधित्व नहीं सुना गया और चुने हुए प्रतिनिधियों को बुलाया जाना चाहिए था. मीरवाइज की बात सुनने के लिए जेपीसी अध्यक्ष ने क्लॉज बाई क्लॉज चर्चा करने के लिए बैठक स्थगित कर दी. आज विपक्ष की सोच उजागर हो गया है. यह संसदीय लोकतंत्र के खिलाफ है. विपक्ष बहुमत की आवाज का गला घोंटना चाहता है. अधिकतम सदस्यों ने 27 जनवरी को बैठक करने का सुझाव दिया है. 29 जनवरी को हम स्पीकर को रिपोर्ट सौंपेंगे. जब भी मैंने जेपीसी में बोलने के लिए माइक उठाया है, विपक्ष ने मेरी आवाज दबाने की कोशिश की.”

वहीं जेपीसी अध्यक्ष जगदंबिका पाल ने कहा कि हमने बैठक को दो बार स्थगित किया. कल्याण बनर्जी ने मेरे खिलाफ असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया और मुझे गाली दी, मैं उनसे अनुरोध करता रहा कि उन लोगों को बोलने दें, जिन्हें हमने आमंत्रित किया था. हमने बैठक को बार-बार स्थगित किया, लेकिन विपक्षी सांसद नहीं चाहते थे कि बैठक जारी रहे. जम्मू-कश्मीर से एक प्रतिनिधिमंडल आया था, लेकिन विपक्षी सांसद चिल्लाते और नारे लगाते रहे.

इससे पहले अक्टूबर में वक्फ बिल पर संयुक्त संसदीय समिति की बैठक के दौरान कल्याण बनर्जी और भाजपा के अभिजीत गंगोपाध्याय के बीच तीखी बहस हो गई थी. बनर्जी ने कांच की बोतल तोड़कर फेंकी थी, जिसमें वे खुद भी घायल हो गए थे.

  • भारत एक्सप्रेस


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