Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

National News

प्याज की सप्लाई को बेहतर बनाने किफायती दामों में पहुंचाने के लिए सरकार ने बफर स्टॉक से प्याज जारी करने का काम बफर स्टॉक से निकली पहली 'कांदा एक्सप्रेस' नासिक से दिल्ली पहुंची.

मुंबई बीएमसी को अपनी पहली महिला प्रमुख मिल गई है. आईएएस अश्विनी भिड़े को नया कमिश्नर नियुक्त किया गया है. मेट्रो प्रोजेक्ट्स में अपनी धाक जमाने वाली भिड़े अब मुंबई शहर की व्यवस्था संभालेंगी.

संविधान की धारा 143 को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाया. ये फैसला देश भर के गर्वनरों के अधिकारों को लेकर था. जिसको लेकर कोर्ट ने अपना फैसला सुनाते हुए कहा कि हम इस मामले में हस्तक्षेप नहीं कर सकते. इन सभी मामलों को लेकर हमारे संवाददाता कृष्ण मोहन शर्मा ने पूर्व उपराज्यपाल प्रो. जगदीश मुखी से खास बातचीच की, देखें ये खास रिपोर्ट।

क्या भारत 2047 तक विकसित राष्ट्र बन पाएगा? ब्लूम वेंचर्स की रिपोर्ट के अनुसार, देश की 90% आबादी के पास अतिरिक्त खर्च करने की क्षमता नहीं है, जबकि सिर्फ 10% लोग अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ा रहे हैं.

71 साल बाद दिल्ली में अखिल भारतीय मराठी साहित्य सम्मेलन का आयोजन हो रहा है, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे.

महाकुम्भ 2025 में अब तक 50 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी संगम में आस्था की पावन डुबकी लगाई है, जो किसी भी धार्मिक आयोजन में मानव इतिहास की सबसे बड़ी सहभागिता है.

सुप्रीम कोर्ट ने ईशा फाउंडेशन के मामले में तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को फटकार लगाई है, जिसमें बोर्ड ने मद्रास हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ अपील की थी जिसमें ईशा फाउंडेशन को जारी कारण बताओ नोटिस को खारिज कर दिया गया था.

दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल के यमुना नदी में जहर मिलने वाले बयान पर विवाद खड़ा हो गया है, जिसके बाद बीजेपी और कांग्रेस ने चुनाव आयोग से कार्रवाई की मांग की है.

दिल्ली हाईकोर्ट ने 22 जनवरी को आत्महत्या करने वाले एक व्यक्ति का वीर्य सुरक्षित निकालने के लिए उस व्यक्ति पर पोस्टमॉर्टम स्पर्म रिट्रीवल (पीएमएसआर) प्रक्रिया अपनाने की अनुमति दे दी.

'वन नेशन, वन इलेक्शन' रिपोर्ट का उद्देश्य लोकसभा और विधानसभा के चुनावों को एक साथ कराना है. सरकार का मानना है कि इससे चुनावी खर्च में कमी आएगी और प्रशासनिक कामकाज में सुधार होगा.