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‘अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ से सम्मानित होंगे जैन आचार्य लोकेश, कपिल मिश्रा ने बताया गौरव का क्षण

युद्ध, हिंसा और परमाणु खतरों से जूझ रहे विश्व को शांति और सद्भावना का संदेश देने के प्रयासों के लिए, आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा, मलाला यूसुफजई और जैन आचार्य लोकेशजी को 9 अगस्त को लंदन में ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा.

Acharya Lokeshji

युद्ध, हिंसा और परमाणु खतरों से जूझ रहे विश्व को शांति और सद्भावना का संदेश देने के प्रयासों के लिए, आध्यात्मिक गुरु दलाई लामा, मलाला यूसुफजई और जैन आचार्य लोकेशजी को 9 अगस्त को लंदन में ‘अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा. यह पुरस्कार ‘इंटरनेशनल काउंसिल ऑफ ज्यूरिस्ट्स’ द्वारा हाइड पार्क में आयोजित “परमाणु निरस्त्रीकरण और शांतिपूर्ण विश्व के लिए अंतर्राष्ट्रीय मार्च” के दौरान प्रदान किया जाएगा.

यह सम्मान न केवल इन महान विभूतियों के व्यक्तिगत प्रयासों की सराहना है, बल्कि भारत की आध्यात्मिक विरासत और भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांतों की वैश्विक मान्यता भी है. अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार पाने वाले दो लोग सीधे तौर पर भारत से जुड़े हैं. यह भारत के लिए गौरव की बात है.

‘भारत की विरासत का सम्मान’

सम्मान की घोषणा होने के बाद विश्व शांति केंद्र और अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य लोकेश का बयान सामने आया है. उन्होंने कहा कि एक संत सम्मान और तिरस्कार से परे होता है, लेकिन यह सम्मान हमारी जिम्मेदारियों को और बढ़ा देता है. उन्होंने इस सम्मान को भारत की महान आध्यात्मिक विरासत और भगवान महावीर के शांति के सिद्धांतों को समर्पित किया. उन्होंने अपने समर्थकों से आह्वान किया कि वे देश और दुनिया को हिंसा और तनाव से मुक्त करने के लिए मिलकर प्रयास करें.

देश के वरिष्ठ नेता कपिल मिश्रा ने भी आचार्य लोकेश को यह सम्मान मिलने पर खुशी जताई है. उन्होने कहा कि यह पूरे भारत के लिए गौरव का क्षण है. यह पुरस्कार वैश्विक मंच पर भारत की शांति और सद्भाव की विचारधारा को मजबूत करता है.

प्रासंगिक हैं अहिंसा के सिद्धांत

अंतर्राष्ट्रीय शांति पुरस्कार के लिए दलाई लामा के साथ जैन आचार्य लोकेश का चयन विश्व में शांति स्थापित करने के लिए भारत की आध्यात्मिक और अहिंसक विरासत की महत्ता को दर्शाता है. यह सम्मान न केवल आचार्य लोकेशजी के प्रयासों की सराहना है, बल्कि यह भी साबित करता है कि भगवान महावीर के अहिंसा के सिद्धांत आज भी वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक हैं. यह भारत के लिए एक गौरवपूर्ण क्षण है, जो विश्व को शांति का मार्ग दिखाने के हमारे देश के प्रयासों को और मजबूत करेगा.

ये भी पढ़े: दलाई लामा, जैन आचार्य लोकेश और मलाला यूसुफजई को लंदन में ‘अंतरराष्ट्रीय शांति पुरस्कार’ से सम्मानित किया जाएगा

-भारत एक्सप्रेस



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