Adani Ports 500 MMT cargo milestone: भारतीय इंफ्रास्ट्रक्चर और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र के दिग्गज अदाणी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड ( Adani APSEZ ) ने बुधवार को एक ऐसी ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसने वैश्विक व्यापार जगत का ध्यान अपनी ओर खींचा है. दरअसल कंपनी ने 500 मिलियन टन (MMT) कार्गो हैंडलिंग का जादुई आंकड़ा पार कर लिया है. बता दें कि 1998 में महज एक पोर्ट के विजन से शुरू हुआ यह सफर आज भारत और विदेशों में फैले 19 पोर्ट्स और टर्मिनल्स के विशाल नेटवर्क में तब्दील हो चुका है, जो भारत की आर्थिक रीढ़ को मजबूती दे रहा है.
“यह देश के आत्मविश्वास का द्वार है”: गौतम अदाणी
कंपनी की इस बड़ी कामयाबी (Adani Ports 500 MMT cargo milestone) पर खुशी जताते हुए अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने इसे केवल एक कारोबारी आंकड़ा नही बल्कि भारत की बढ़ती शक्ति का प्रतीक बताया. इसको लेकर उन्होंने कहा कि पोर्ट्स सिर्फ व्यापार के गेटवे नहीं होते बल्कि वे देश के आत्मविश्वास, प्रतिस्पर्धा और भविष्य के द्वार भी हैं.
साथ ही अदाणी ने इस सफलता का श्रेय अपने ग्राहकों, साझेदारों और एपीएसईजेड परिवार के समर्पण को दिया. साथ ही, उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों की नीतियों की भी सराहना की, जिन्होंने इंफ्रास्ट्रक्चर आधारित विकास के लिए एक मजबूत नींव तैयार करने में मदद की.
16 साल का सफर और फिर बुलेट ट्रेन सी रफ्तार
एपीएसईजेड ( Adani APSEZ ) की विकास यात्रा का सबसे रोचक पहलू इसकी रफ्तार रही है. कंपनी को अपने शुरुआती 100 मिलियन टन के आंकड़े तक पहुंचने में करीब 16 साल का लंबा समय लगा था. हालांकि, इसके बाद की प्रगति ने सबको चौंका दिया. कंपनी ने हर अगले 100 मिलियन टन का लक्ष्य पहले से भी कम समय में हासिल किया. यह इस बात का प्रमाण है कि अदाणी पोर्ट्स ने अपनी परिचालन क्षमता और दक्षता (Efficiency) में विश्वस्तरीय सुधार किया है, जिससे वह आज भारत के समुद्री व्यापार का सबसे बड़ा खिलाड़ी बन गया है.
सिर्फ पोर्ट नहीं, एक संपूर्ण लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम
गौतम अदाणी ने स्पष्ट किया कि उनकी कंपनी ने सिर्फ बंदरगाह नहीं बनाए, बल्कि एक ऐसा इंटीग्रेटेड लॉजिस्टिक्स सिस्टम तैयार किया है जो रेल, सड़क, ट्रकिंग और वेयरहाउसिंग को आपस में जोड़ता है. वर्तमान में एपीएसईजेड के पास 127 जहाजों का मरीन फ्लीट, 12 मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क और 25,000 से अधिक ट्रकों का नेटवर्क है. इसके अलावा 31 लाख वर्ग फुट का वेयरहाउस स्पेस कंपनी की ताकत को और बढ़ाता है. भारत के पश्चिमी, दक्षिणी और पूर्वी तटों पर स्थित 15 प्रमुख पोर्ट्स के जरिए यह नेटवर्क देश के आयात-निर्यात को नई गति दे रहा है.
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मिशन 2030: 1 बिलियन टन का अगला बड़ा लक्ष्य
500 मिलियन टन की इस बड़ी जीत (Adani Ports 500 MMT cargo milestone) के बाद अदाणी पोर्ट्स की नजरें अब और भी ऊंचे आसमान पर हैं. कंपनी ने अब 2030 तक 1 बिलियन टन (1000 MMT) कार्गो हैंडलिंग का महा-लक्ष्य निर्धारित किया है. कंपनी का लक्ष्य आने वाले समय में विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल सेवाओं के जरिए भारत को वैश्विक सप्लाई चेन का केंद्र बनाना है. जानकारों का मानना है कि जिस रफ्तार से एपीएसईजेड विस्तार कर रहा है, 1 बिलियन टन का लक्ष्य हासिल करना भारत की आर्थिक प्रगति के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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