नई दिल्ली: भारतीय रेलवे ने पूर्वोत्तर राज्य नागालैंड से मालगाड़ी संचालन शुरू कर दिया है. मिजोरम में यात्रियों और माल ढुलाई सेवाओं की सफल शुरुआत के बाद यह कदम उठाया गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 13 सितंबर 2025 को बैराबी-सिरांग रेल लाइन परियोजना का उद्घाटन करने के बाद मिजोरम राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जुड़ गया था. अब नागालैंड का मोलवॉम स्टेशन भी इस चेन का हिस्सा बन गया है.
मोलवॉम स्टेशन से मालगाड़ी आरंभ
सितंबर 2025 में मिनिस्ट्री ऑफ रेलवे ने मोलवॉम स्टेशन से मालगाड़ी संचालन आरंभ किया. पहली इनवार्ड रेक 24 सितंबर को तेलंगाना से 41 वैगनों में सीमेंट लदी हुई पहुंची. इसके बाद 29 सितंबर को पहली आउटवार्ड रेक के रूप में 42 वैगनों में पत्थर के चिप्स लोड कर जिरानिया भेजे गए. रेलवे के एक बयान में कहा गया, “यात्रियों और माल ढुलाई सेवाओं की बढ़ती मांग पूर्वोत्तर में रेल कनेक्टिविटी के परिवर्तनकारी प्रभाव को दर्शाती है. यह न केवल सुविधा प्रदान कर रही है, बल्कि आर्थिक विकास, स्थानीय उत्पादों के लिए बेहतर बाजार पहुंच, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा कर रही है.”
सिरांग स्टेशन पर कुल आठ रेक उतारे गए
मिजोरम में पिछले महीने सिरांग स्टेशन पर कुल आठ रेक उतारे गए. पहली रेक 14 सितंबर को गुवाहाटी के पास स्टार सीमेंट साइडिंग से 21 वैगनों में सीमेंट लेकर आई. उसके बाद तीन रेक पत्थर के चिप्स, एक ऑटोमोबाइल, एक आरएमसी (रेडी मिक्स कंक्रीट) और एक रेत की रेक बैराबी से पहुंची. 19 सितंबर को सिरांग से पहली पार्सल कंसाइनमेंट के रूप में एंथुरियम फूलों को दिल्ली के आनंद विहार टर्मिनल भेजा गया, जो ट्रेन नंबर 20507 (सिरांग-आनंद विहार टर्मिनल राज्यधानी एक्सप्रेस) के पार्सल वैन से ले जाया गया.
यह विकास पूर्वोत्तर भारत में रेल संपर्क को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है. विशेषज्ञों का मानना है कि इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी, व्यापार बढ़ेगा और रोजगार के अवसर पैदा होंगे. आने वाले समय में और विस्तार की उम्मीद है, जो क्षेत्र को राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था से और निकट लाएगा.
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