सांकेतिक तस्वीर
Agra News: उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से हैरान करने वाली खबर सामने आ रही है. एक नवविवाहित जोड़े को सात साल बाद कोर्ट ने तलाक की मंजूरी दी है. इस मामले में तलाक की वजह भी चौंका देने वाली है. दरअसल सात साल पहले एक युवक की बड़ी धूमधाम से शादी हुई और वह आंखों में तमाम सपने संजोए अपनी नई-नवेली दुल्हन को अपने घर ले आया. मामला तब बिगड़ा, जब वह सुहागरात को अपनी बीवी के पास पहुंचा. दूल्हा जब अपनी दुल्हन के पास कमरे में पहुंचा तो उसके होश उड़ गए. उसने क्योंकि उसकी पत्नी पूर्ण रूप से महिला नहीं थी. इस बात का खुलासा होने के बाद दुल्हा तो हैरान रह ही गया, साथ ही पूरे ससुरालवाले व रिश्तेदार भी हैरान रह गए. फिर मामला कोर्ट तक जा पहुंचा. बताया जा रहा है कि इस मामले में बाद करीब 7 सालों तक केस चला.
मेडिकल तक का सहारा लेना पड़ा. आखिरकार सात साल बाद फैमिली कोर्ट ने तलाक की मंजूरी दे ही दी. ये पूरा मामला आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र का है. यहां रहने वाले एक युवक का विवाह 27 जनवरी 2016 को हुआ था. दूसरे दिन जब वह सुहागरात के लिए अपनी पत्नी के पास पहुंचा तो उसे पता चला कि पत्नी के गुप्तांग विकसित नहीं हैं. बताया जा रहा है कि युवक ने अपनी पत्नी का डाक्टरों से इलाज भी कराया, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. डाक्टरों ने ये भी बताया कि वह कभी मां नहीं बन सकती है. यह सब जानने के बाद पूरा ससुराल परेशान था.
पीड़ित ने बताया कि बदनामी के डर की वजह से उसने ये सारी बात किसी को नहीं बताई. मगर उसने तलाक का फैसला ले लिया था. इसी के बाद उसने फैमिली कोर्ट में वाद दाखिल किया. इस मामले की 7 सालों तक सुनवाई हुई. इस दौरान दोनों तरफ के वकीलों ने खूब बहस की और आखिरकार कोर्ट ने तलाक को मंजूरी दे दी. पीड़ित ने ये भी बताया कि, कोर्ट ने विवाह को शून्य घोषित कर विवाह विच्छेद के आदेश पारित कर दिए हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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