भारतीय वायुसेना में साल 2026 की शुरुआत एक नई और महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के साथ हुई है. एयर मार्शल नागेश कपूर ने 1 जनवरी, 2026 को भारतीय वायुसेना के नए उप-प्रमुख (वाइस चीफ ऑफ एयर स्टाफ) के रूप में कार्यभार संभाल लिया है. अपनी नई जिम्मेदारी संभालने से पहले वे गांधीनगर स्थित दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान (SWAC) के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे.
ऑपरेशन सिंदूर के हीरो हैं नागेश कपूर
एयर मार्शल नागेश कपूर को उनकी वीरता और रणनीतिक सूझबूझ के लिए जाना जाता है. इसी साल की शुरुआत में हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में उनके शानदार नेतृत्व के लिए उन्हें ‘सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल’ से सम्मानित किया गया था. यह सम्मान युद्ध के समय दी जाने वाली सर्वोच्च सेवाओं में से एक है. उन्होंने दक्षिण-पश्चिमी वायु कमान का नेतृत्व उस समय किया था, जब भारतीय वायुसेना ने 6 से 10 मई के बीच पाकिस्तानी एयर बेस पर सटीक हमले कर दुश्मन को भारी नुकसान पहुँचाया था.
एयर मार्शल कपूर का करियर उपलब्धियों से भरा रहा है. उन्हें 6 दिसंबर, 1986 को भारतीय वायुसेना की फाइटर स्ट्रीम में शामिल किया गया था. वे राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) के छात्र रहे हैं और उन्होंने डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज व नेशनल डिफेंस कॉलेज से उच्च शिक्षा प्राप्त की है. एक फाइटर पायलट के रूप में उनके पास 3400 घंटों से भी अधिक समय तक उड़ान भरने का गहरा अनुभव है. वे एक कुशल फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर और फाइटर कॉम्बैट लीडर भी हैं.
वायुसेना की मजबूती में बड़ा योगदान
वायुसेना के उप-प्रमुख के रूप में उनकी नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब भारत अपनी रक्षा क्षमताओं को और आधुनिक बना रहा है. उनके अनुभव का लाभ वायुसेना की भविष्य की रणनीतियों और ऑपरेशन्स को मिलेगा. उनकी नियुक्ति से न केवल वायुसेना का मनोबल बढ़ेगा, बल्कि रक्षा क्षेत्र में भारत की पकड़ और मजबूत होगी.
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-भारत एक्सप्रेस
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