Long live Rajasthan Police: राजस्थान के अलवर में हुए चर्चित बुजुर्ग हत्याकांड में पुलिस ने एक बड़ा एक्शन लिया है. मामले की जांच को पुख्ता करने के लिए पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएट कराया. इस दौरान जब पुलिस ने आरोपियों का सरेआम जुलूस निकाला, तो वहां मौजूद भारी भीड़ ने अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की और पुलिस के समर्थन में जमकर नारेबाजी की.
अलवर के खदाना मोहल्ला में बुजुर्ग दिनेशचंद अग्रवाल की घर में घुसकर हत्या और लूटपाट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने रविवार को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएट कराया. पुलिस ने इस दौरान आरोपियों का जुलूस भी निकाला, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई. पुलिस द्वारा महज १२ घंटे में केस का खुलासा करने और आरोपियों को सड़क पर लाने से उत्साहित स्थानीय लोगों ने ‘राजस्थान पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगाए. फिलहाल पुलिस एक फरार आरोपी की तलाश में जुटी है.
घर में घुसकर की थी बेरहमी से हत्या (Murder of an elderly man in Alwar)
यह सनसनीखेज मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के खदाना मोहल्ला का है, जहां रहने वाले बुजुर्ग दिनेशचंद अग्रवाल की ९ जुलाई की रात घर में घुसकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी. शातिर बदमाशों ने पहले उनका मुंह दबाया, फिर जान लेने के बाद घर में रखी नकदी लूटकर फरार हो गए. अगले दिन जब बुजुर्ग अपने बेटे के घर खाना खाने नहीं पहुंचे, तब परिजनों ने घर जाकर देखा तो अंदर उनका शव पड़ा मिला. इस घटना से पूरे शहर में दहशत फैल गई थी.
१२ घंटे में खुलासा और सीन रीक्रिएशन (Long live Rajasthan Police)
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने टेक्निकल इनपुट और लोकल इनफार्मेशन की मदद से महज १२ घंटे के भीतर इस अंधे कत्ल का पर्दाफाश कर दिया. पुलिस ने दो मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया और दो नाबालिगों को निरुद्ध किया. रविवार को थाना प्रभारी रमेश सैनी के नेतृत्व में पुलिस टीम आरोपियों को उसी मोहल्ले में लेकर पहुंची, जहां बदमाशों से पूरे घटनाक्रम को दोहराया गया और उनकी निशानदेही पर मौका नक्शा तैयार किया गया.
पुलिस के लगे नारे (procession of miscreants)
जैसे ही भारी पुलिस बल के बीच हत्यारोपियों को सड़क पर लाया गया, तो वहां तमाशबीनों और स्थानीय लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा. लोगों में इस जघन्य हत्याकांड को लेकर भारी गुस्सा था. भीड़ ने एक तरफ जहां हत्यारों को फांसी की सजा देने की मांग की, वहीं दूसरी तरफ अलवर पुलिस की मुस्तैदी और फुर्ती को देखकर ‘राजस्थान पुलिस जिंदाबाद’ के नारे लगाए.
आईजी की मॉनिटरिंग और पुलिस की दबिश (crime scene recreation)
इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस के बीच रेंज आईजी राहुल प्रकाश ने भी हाल ही में अलवर का दौरा कर कानून-व्यवस्था की समीक्षा की थी. वरिष्ठ अधिकारियों की इसी कड़े रुख का असर था कि पुलिस ने केस को तुरंत सुलझाया. थाना प्रभारी रमेश सैनी के मुताबिक, वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर केस को मजबूत किया जा रहा है. मामले का एक आरोपी अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी और लूटे गए माल की बरामदगी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है.
-भारत एक्सप्रेस
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