इस साल मई में पहलगाम हमले के जवाब में भारत की ओर से पाकिस्तान के खिलाफ लॉन्च किए गए ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) को लेकर एक बार फिर से चर्चा और राजनीति गर्म हो गई है. कारण है अमेरिका की एक रिपोर्ट. US कमीशन ने रिपोर्ट में कहा कि ऑपरेशन के दौरान भारत का राफेल विमान गिरने की खबर एक चीनी प्रोपैगैंडा थी. इसके अलावा रिपोर्ट में भारत-पाक झड़प में पाकिस्तान की मिलिट्री सफलता का जिक्र किया गया है.
इसके बाद कांग्रेस ने गुरुवार (20 नवंबर) को इसे भारत की डिप्लोमेसी के लिए ‘एक और बड़ा झटका’ बताया और पूछा कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्रालय इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे. कांग्रेस के महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब तक 60 बार दावा कर चुके हैं कि उन्होंने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोक दिया है लेकिन प्रधानमंत्री ‘पूरी तरह चुप’ रहे हैं.
कांग्रेस ने पूछा क्या भारत इस पर आपत्ति दर्ज कराएगा?
कांग्रेस पार्टी के कम्युनिकेशन इंचार्ज ने कहा कि U.S.-चाइना इकोनॉमिक एंड सिक्योरिटी रिव्यू कमीशन ने अभी-अभी US कांग्रेस को अपनी सालाना रिपोर्ट सौंपी है. उन्होंने बताया कि US सीनेट और हाउस ऑफ़ रिप्रेजेंटेटिव्स द्वारा मिलकर बनाए गए कमीशन में बारह इंडिपेंडेंट मेंबर हैं.
जयराम रमेश ने कहा, “2025 की एनुअल रिपोर्ट लगभग 800 पेज की है. पेज 108 और 109 के सेक्शन बस हैरान करने वाले और समझ से परे हैं. इसमें अप्रैल 2025 के पहलगाम टेरर अटैक (Pahalgam Attack) को पाकिस्तान ने ‘इंसर्जेंट अटैक’ बताया है. इसमें चार दिन की लड़ाई में ‘भारत पर पाकिस्तान की मिलिट्री कामयाबी’ की बात की गई है.”
The US-China Economic and Security Review Commission has just submitted its annual report to the US Congress. The Commission set up jointly by the US Senate and House of Representatives has twelve independent members.
The 2025 Annual Report is almost 800 pages long. The sections… pic.twitter.com/MrnQ8yMKRF
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) November 20, 2025
जयराम रमेश (Jairam Ramesh) ने कहा कि यह हमारी डिप्लोमेसी को एक और बड़ा झटका लगा है. उन्होंने यह भी पूछा कि क्या प्रधानमंत्री और विदेश मंत्रालय इस पर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे और विरोध करेंगे?
अमेरिकी रिपोर्ट ने पहलगाम अटैक को विद्रोही हमला कहा
कांग्रेस नेता ने रिपोर्ट के कुछ पेज का स्कीनशॉर्ट एक्स पर शेयर किया, जिसमें भारत-पाक झड़प के बारे में बताया गया है.
रिपोर्ट में कहा गया,
पाकिस्तान और भारत की सेनाओं के बीच 7-10 मई, 2025 को हुई झड़प में चीन की भूमिका ने दुनिया का ध्यान खींचा, क्योंकि पाकिस्तान की सेना ने चीनी हथियारों पर भरोसा किया और कथित तौर पर चीनी इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया. झड़प के दौरान, जो एक खतरनाक ‘विद्रोही हमले’ (Insurgent Attack) पर भारत की प्रतिक्रिया से शुरू हुई थी, जिसमें 26 आम लोग मारे गए थे – दोनों देशों ने 50 सालों में किसी भी समय की तुलना में एक-दूसरे के इलाकों में ज़्यादा अंदर टारगेट पर हमला किया.
रिपोर्ट के एक और पेज में कहा गया, “चार दिन की लड़ाई में भारत पर ‘पाकिस्तान की मिलिट्री सफलता’ ने चीन के हथियारों को दिखाया. हालांकि इस लड़ाई को ‘प्रॉक्सी वॉर’ कहना, भड़काने वाले के तौर पर चीन की भूमिका को बढ़ा-चढ़ाकर बताना हो सकता है, लेकिन बीजिंग ने मौके का फायदा उठाकर अपने हथियारों की सोफिस्टिकेशन को टेस्ट किया और उसका प्रचार किया, जो भारत के साथ चल रहे बॉर्डर टेंशन और उसके बढ़ते डिफेंस इंडस्ट्री के लक्ष्यों के लिए फायदेमंद है.”
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-भारत एक्सप्रेस
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