नई दिल्ली: भारत सरकार के कैबिनेट की नियुक्ति समिति ने 1985 बैच के आईएएस व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अमित खरे (सेवानिवृत्त) को उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन का सचिव नियुक्त किया है. अमित खरे झारखंड कैडर के आईएएस अधिकारी रहे हैं. वह बिहार के कुख्यात चारा घोटाले का पर्दाफाश करने में अपनी भूमिका के लिए भी विशेष रूप से जाने जाते हैं. रविवार को अमित खरे की नियुक्ति को मंजूरी दी गई है.
गौरतलब है कि सीपी राधाकृष्णन ने शुक्रवार 12 सितंबर को भारत के 15वें उपराष्ट्रपति के रूप में शपथ ली है. उपराष्ट्रपति होने के नाते सीपी राधाकृष्णन राज्यसभा के सभापति भी हैं. कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन के सचिव अमित खरे की नियुक्ति, सचिव स्तर के पद और वेतनमान पर अनुबंध के आधार पर तीन वर्षों के लिए होगी. नियुक्ति की गणना कार्यभार संभालने की तिथि से होगी. खरे 12 अक्टूबर 2021 से प्रधानमंत्री कार्यालय में प्रधानमंत्री के सलाहकार के रूप में कार्यरत थे, जहां वे सामाजिक क्षेत्र से जुड़े मामलों को देखते थे. उन्होंने केंद्र और राज्य सरकारों में कई महत्वपूर्ण पदों पर सेवाएं दी हैं.

वरिष्ठ अधिकारी की भूमिका
अमित खरे, केंद्र में शिक्षा मंत्रालय में रहे हैं. उन्होंने उच्च शिक्षा में महत्वपूर्ण योगदान दिया है. इस दौरान उन्होंने यूनेस्को, शिक्षा नीति, पुस्तक प्रोत्साहन और कॉपीराइट जैसे विषयों को संभाला. वहीं, वह झारखंड सरकार में भी रहे हैं. वह सचिव, एचआरडी, कुलपति, रांची विश्वविद्यालय, विकास आयुक्त एवं अपर मुख्य सचिव, वित्त–परियोजना विभाग के पद पर रह चुके हैं. उन्होंने विभिन्न विभागों में रहते हुए प्री-बजट परामर्श, परफॉर्मेंस बजटिंग, जेंडर बजटिंग, सेक्टोरल बजटिंग, वित्तीय समावेशन, डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर और विभिन्न केंद्रीय व राज्य योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे कई सुधार लागू किए. उन्होंने भारत सरकार में सचिव स्तर की भूमिकाएं निभाई हैं.
वह सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में रहे. इसके अलावा उन्होंने स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग और उच्च शिक्षा विभाग को संभाला. वे राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के निर्माण और क्रियान्वयन में कोर टीम के सदस्य भी रहे. अमित खरे सेंट स्टीफंस कॉलेज, दिल्ली से स्नातक हैं. इसके बाद उन्होंने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम), अहमदाबाद से पोस्ट ग्रेजुएशन (एमबीए) किया.

नियुक्ति की आधिकारिक प्रक्रिया
नियुक्ति की मंजूरी के बाद, नई दिल्ली के नॉर्थ ब्लॉक से 14 सितंबर 2025 को एक आधिकारिक पत्र जारी किया गया है. इस पत्र में मंत्रिमंडल सचिव, भारत के राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति के सचिव सहित विभिन्न वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया है. यह कदम भारत सरकार के प्रशासनिक ढांचे में एक नई गति प्रदान करेगा, और अमित खरे की नियुक्ति से अपेक्षा की जा रही है कि वे उपराष्ट्रपति कार्यालय के लिए सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे.
यह भी पढ़िए: “आप हमें अपनी भाषा में पत्र लिखिए, हम उसी में जवाब भी देंगे”, अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन में बोले अमित शाह
इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

