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नक्सलवाद के बाद अब घुसपैठ की बारी: अमित शाह के एक फैसले से दहलेंगे देश के दुश्मन, जानें क्या है सीक्रेट प्लान?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने देश की तटीय और बंदरगाह सुरक्षा को अभेद्य बनाने के लिए पत्तन सुरक्षा ब्यूरो (BOPS) के गठन की समीक्षा की. विशाखापत्तनम, जेएनपीटी और मुंद्रा पोर्ट समेत प्रमुख बंदरगाहों पर CISF सुरक्षा व्यवस्था का लाइव ट्रायल करेगी.

BOPS Port Security India: भारत की समुद्री सीमाओं से होने वाली घुसपैठ और देश के भीतर जानबूझकर किए जा रहे डेमोग्राफी चेंज की साजिशों को नाकाम करने के लिए केंद्र सरकार ने अब तक का सबसे बड़ा और कड़ा एक्शन प्लान तैयार कर लिया है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन एवं जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने एक हाई-लेवल मीटिंग में देश की तटीय सुरक्षा को पूरी तरह अभेद्य बनाने के लिए पत्तन सुरक्षा ब्यूरो यानी बीओपीएस के गठन की समीक्षा की है.

इस बैठक में गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक और सीआईएसएफ के महानिदेशक समेत तमाम आला अधिकारी मौजूद थे. अमित शाह ने साफ कर दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वाले तत्वों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और भारत के तमाम बंदरगाहों को सुरक्षा के ऐसे किले में तब्दील कर दिया जाएगा जिसे भेदना दुश्मनों के लिए नामुमकिन होगा.

सीमांत एसपी के साथ अमित शाह की सीक्रेट मीटिंग(Amit Shah Security Plan)

देश की सीमाओं पर हो रहे जनसांख्यिकीय बदलाव यानी डेमोग्राफी चेंज को लेकर गृह मंत्रालय बेहद गंभीर है. अमित शाह ने सीमांत जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक की, जिसमें तटीय और सीमावर्ती इलाकों में हो रही संदिग्ध गतिविधियों की समीक्षा की गई.

गृह मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि घुसपैठ की हर छोटी से छोटी कोशिश को सीमा पर ही कुचल दिया जाए. सुरक्षा एजेंसियों को इन संवेदनशील इलाकों में पैनी नजर रखने को कहा गया है ताकि देश की सुरक्षा और संप्रभुता को आंतरिक रूप से कमजोर करने वाली किसी भी विदेशी साजिश को समय रहते नाकाम किया जा सके.

र्चेंट शिपिंग एक्ट के तहत तैयार हो रहा डिजिटल डेटाबेस

भारत सरकार मर्चेंट शिपिंग एक्ट 2025 की धारा 13 के तहत पत्तन सुरक्षा ब्यूरो को एक शक्तिशाली वैधानिक निकाय के रूप में स्थापित करने जा रही है. यह ब्यूरो सीधे तौर पर जहाजों और बंदरगाहों की सुरक्षा से जुड़े तमाम नियामक और निरीक्षण कार्यों की जिम्मेदारी संभालेगा. गृह मंत्री ने निर्देश दिया है कि बीओपीएस में तैनात होने वाले सभी सुरक्षाकर्मियों का एक व्यापक डिजिटल डेटाबेस तैयार किया जाए.

इसके साथ ही पत्तन सुरक्षा प्रशिक्षण संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर का उपयोग करके इन जवानों को आधुनिक सुरक्षा तकनीकों और साइबर सुरक्षा का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि बंदरगाहों की आईटी अवसंरचना को किसी भी तरह के डिजिटल हमले से पूरी तरह सुरक्षित रखा जा सके.

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विशाखापत्तनम से मुंद्रा पोर्ट तक CISF का ट्रायल

बंदरगाहों की सुरक्षा व्यवस्था को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार अपग्रेड करने के लिए सीआईएसएफ को विशाखापत्तनम पोर्ट, जवाहरलाल नेहरू पोर्ट और मुंद्रा पोर्ट जैसे देश के सबसे प्रमुख और संवेदनशील बंदरगाहों पर जाकर बीओपीएस को सौंपी जाने वाली सुरक्षा व्यवस्था का लाइव ट्रायल करने का आदेश दिया गया है. गृह मंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बंदरगाहों पर कंटेनर स्कैनिंग की सर्वोत्तम व्यवस्था लागू हो.

इसके अलावा बंदरगाहों की सुरक्षा का जिम्मा केवल उन्हीं चुनिंदा और लाइसेंस प्राप्त निजी सुरक्षा एजेंसियों को दिया जाएगा, जिनके सुरक्षाकर्मियों को सीआईएसएफ द्वारा कड़ा और विशेष प्रशिक्षण मिला हो.

फिश लैन्डिंग सेंटर्स पर तैनात होगी स्थायी पुलिस फोर्स

तटीय सुरक्षा चक्र को अंतिम छोर तक मजबूत करने के लिए अमित शाह (Amit Shah Security Plan) ने मत्स्यपालन विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर फिशिंग हार्बर्स और फिश लैंडिंग सेंटर्स की सुरक्षा का भी पूरा खाका खींचा. उन्होंने निर्देश दिया कि इसरो द्वारा खास तौर पर विकसित किए गए नभमित्र ऐप का देश के सभी नाविकों और मछुआरों के बीच व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि वे इसे अपने मोबाइल में डाउनलोड कर सकें.

सभी जिलों के जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को अपने इलाकों के फिश लैंडिंग सेंटर्स की सटीक सूची उपलब्ध कराने और इन सभी केंद्रों पर सुरक्षा को चाक-चौबंद करने के लिए स्थायी पुलिस बल तैनात करने का आदेश दिया गया है, जिससे समंदर के रास्ते होने वाली किसी भी संदिग्ध घुसपैठ को पूरी तरह ब्लॉक किया जा सके.

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-भारत एक्सप्रेस



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