Bharat Express DD Free Dish
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital
Kanya Sumangla Mission Shakti Digital

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 30 सितंबर को जालंधर में भाजपा की नशा-विरोधी रैली को संबोधित करेंगे

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह बुधवार को पंजाब के जालंधर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम को संबोधित करेंगे. यह राज्यव्यापी अभियान नशाखोरी के खिलाफ है और इसने सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों को कवर किया है.

पंजाब में नशे के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का राज्यव्यापी अभियान बुधवार को जालंधर में होने वाली बड़ी रैली के साथ समाप्त होगा. इस कार्यक्रम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मुख्य रूप से शामिल होंगे और सभा को संबोधित करेंगे. भाजपा ने इस आयोजन को ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के समापन कार्यक्रम के तौर पर तैयार किया है.

इस अभियान की शुरुआत 18 सितंबर को पंजाब के अलग-अलग हिस्सों से एक साथ निकाली गई चार यात्राओं के जरिए हुई थी. पार्टी के मुताबिक, इन यात्राओं ने राज्य के सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों का दौरा किया और करीब 4,000 किलोमीटर की दूरी तय की. गांवों से लेकर शहरों तक पहुंची इन यात्राओं के जरिए लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक करने और इस समस्या पर जनभागीदारी बढ़ाने की कोशिश की गई.

रैली में दो लाख लोगों के जुटने का दावा

जालंधर में होने वाले कार्यक्रम को लेकर भाजपा ने बड़े स्तर पर तैयारियां की हैं. पार्टी नेताओं के मुताबिक, रैली में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने की उम्मीद है. इसके लिए लगभग 50 से 55 एकड़ जमीन में इंतजाम किए गए हैं. इसमें करीब 40 एकड़ हिस्सा मुख्य सभा के लिए रखा गया है, जबकि बाकी जगह पार्किंग समेत अन्य व्यवस्थाओं के लिए इस्तेमाल होगी.

भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों को पंजाब के अलग-अलग इलाकों से जालंधर तक लाने के लिए करीब 2,000 बसों के पहुंचने की उम्मीद जताई गई है. बड़ी संख्या में लोगों के आने को देखते हुए यातायात, पार्किंग, सुरक्षा और जनसुविधाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है.

नशे से प्रभावित परिवारों की कहानी भी सामने रखेगी पार्टी

रैली में भाजपा नशे की समस्या से प्रभावित परिवारों की परेशानियों को भी सामने रखने की तैयारी में है. पार्टी का कहना है कि नशे का असर सिर्फ उस व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता जो इसकी चपेट में आता है, बल्कि पूरा परिवार और कई बार आसपास का सामाजिक माहौल भी प्रभावित होता है.

भाजपा नेताओं के अनुसार, ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ का मकसद केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम करना नहीं था. इसके जरिए लोगों के बीच नशे के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने और उन्हें इस लड़ाई में जोड़ने का प्रयास किया गया है.

2027 के चुनाव से पहले बढ़ी राजनीतिक सक्रियता

अमित शाह का पंजाब दौरा ऐसे समय में हो रहा है, जब 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले भाजपा राज्य में अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर रही है. नशे का मुद्दा पार्टी के प्रमुख राजनीतिक मुद्दों में शामिल हो गया है. भाजपा लगातार इस मामले को लेकर पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर सवाल उठाती रही है और नशे की समस्या से निपटने के सरकार के तरीके की आलोचना करती है.

इस लिहाज से जालंधर की रैली को भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से भी अहम कार्यक्रम माना जा रहा है. हालांकि पार्टी इसे मुख्य रूप से नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान के रूप में पेश कर रही है.

नेताओं ने लिया तैयारियों का जायजा

रैली से पहले प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और प्रदेश प्रभारी सतीश पूनिया ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों की समीक्षा की. इस दौरान अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, लोगों के लिए जरूरी सुविधाओं और दूसरी व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई.

केवल सिंह ढिल्लों ने कहा कि नशा मुक्ति महा रैली को सिर्फ राजनीतिक आयोजन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए. उनके मुताबिक, इसका उद्देश्य पंजाब में नशे की समस्या के खिलाफ बड़े स्तर पर जनजागरूकता पैदा करना है. उन्होंने कहा कि पार्टी के कार्यकर्ता रैली को सफल बनाने के लिए लगातार मेहनत कर रहे हैं.

ये भी पढ़ें-‘राष्ट्रहित के सामने राजा का कोई मूल्य नहीं’, जानिए पंडित दीनदयाल की पुस्तकों पर क्यों छिड़ी शैक्षणिक बदलाव की चर्चा

Also Follow Bharat Express on Youtube

-भारत एक्सप्रेस



इस तरह की अन्य खबरें पढ़ने के लिए भारत एक्सप्रेस न्यूज़ ऐप डाउनलोड करें.

Also Read


Kanya Sumangla Mission Shakti Digital