अमित शाह की हाई लेवल मीटिंग फोटो- IANS
Amit Shah security meeting: देश की राजधानी में आज से राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर अब तक का सबसे बड़ा ‘मंथन’ शुरू होने जा रहा है. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में दो दिनों तक चलने वाले 9वें राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति सम्मेलन का आज शंखनाद होगा. इस हाई-प्रोफाइल बैठक में देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा से जुड़े उन तमाम बड़े खतरों का पक्का इलाज तलाशा जाएगा, जो भारत के लिए चुनौती बन रहे हैं.
850 दिग्गज अफसरों का जमावड़ा (Amit Shah Big Meeting In Delhi)
इस महा-बैठक का स्केल इतना बड़ा है कि इसमें देशभर से 850 से ज्यादा दिग्गज सुरक्षा और पुलिस अधिकारी हिस्सा लेंगे. खुफिया विभाग, अर्धसैनिक बलों और राज्यों के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी हाइब्रिड मोड (यानी फिजिकल और वर्चुअल दोनों तरीके से) के जरिए इस बैठक से जुड़ेंगे.
3 खतरों पर होगा प्रहार (Amit Shah Delhi meeting)
सूत्रों की मानें तो इस बार का यह सुरक्षा सम्मेलन कोई रूटीन मीटिंग नहीं है. आज शुरू हो रही इस बैठक में तीन सबसे बड़े, ज्वलंत और संवेदनशील मुद्दों पर आर-पार की रणनीति बनाई जाएगी.
डेमोग्राफिक चेंज (जनसांख्यिकीय बदलाव): सीमावर्ती और अन्य संवेदनशील इलाकों में तेजी से बदल रही आबादी की स्थिति पर खुफिया रिपोर्ट्स के आधार पर गहन चर्चा होगी.
पाकिस्तान-बांग्लादेश बॉर्डर: पड़ोसी देशों की सीमाओं से होने वाली घुसपैठ, तस्करी और बांग्लादेश के मौजूदा हालातों से पैदा हुई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने का ‘फुलप्रूफ’ एक्शन प्लान तैयार किया जाएगा.
प्रदर्शन और आंतरिक सुरक्षा: देश के अंदर पनप रहे अचानक हिंसक प्रदर्शनों, असामाजिक तत्वों के नेटवर्क और नए उभरते साइबर व आतंकी खतरों को जड़ से कुचलने की तैयारी की जाएगी.
सुरक्षा पर जीरो टॉलरेंस का संदेश
मोदी सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है. अमित शाह के नेतृत्व में आज होने वाला यह 9वां सम्मेलन साफ संदेश देगा कि भारत अब अपने दुश्मनों और आंतरिक खतरों को एडवांस रणनीति के साथ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है. अब हर किसी की नज़र इस बात पर टिकी है कि इस दो दिवसीय कड़े ‘ब्रेन-स्टॉर्मिंग’ के बाद देश की सुरक्षा एजेंसियां ग्राउंड जीरो पर क्या नए और कड़े एक्शन लेती हैं.
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