Amit Shah On Munshi Premchand: हिंदी और उर्दू साहित्य के महान शिखर पुरुष, यथार्थवादी ‘कथा सम्राट’ मुंशी प्रेमचंद जी की जयंती पर देश भर में उन्हें याद किया जा रहा है. इस खास और गरिमामय अवसर पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने मुंशी प्रेमचंद जी को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की.
गृह मंत्री ने भारतीय समाज की आत्मा को कलम से उकेरने वाले मुंशी प्रेमचंद के साहित्यिक योगदान की भूरि-भूरि प्रशंसा की और कहा कि समाज की संवेदनाओं, विषमताओं और वास्तविकताओं को समझने के लिए उनका साहित्य आज भी सर्वोत्तम मार्गदर्शक है.
गृह मंत्री अमित शाह का संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने श्रद्धांजलि संदेश में मुंशी प्रेमचंद के अद्वितीय लेखन कौशल को याद करते हुए कहा कि कथा सम्राट’ के रूप में विख्यात प्रेमचंद जी ने अपने कालजयी साहित्य में घटनाओं और पात्रों का ऐसा सजीव चित्रण किया है कि उनकी रचनाएं दशकों बाद भी उतनी ही जीवंत प्रतीत होती हैं.
अमित शाह ने जोर देकर कहा कि प्रेमचंद जी ने एक ओर जहां अपनी धारदार कलम से समाज की पीड़ा, विषमताओं और शोषण को बुलंद आवाज दी, तो दूसरी तरफ ‘ईदगाह’ जैसी बाल कहानियों के जरिए बच्चों की बाल-संवेदनाओं का अत्यंत सरल और प्रभावी चित्रण किया.
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सामाजिक न्याय के लिए प्रेमचंद जी का साहित्य सर्वोत्तम स्रोत
अमित शाह ने आगे कहा कि अगर आज के दौर में किसी को आदर्श और मूल्य आधारित लेखन को समझना है, तो मुंशी प्रेमचंद जी का साहित्य उसके लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का सबसे बड़ा जरिया है. उनकी कृतियां भारतीय समाज की जमीनी हकीकत और यथार्थ को दुनिया के सामने उजागर करती हैं.
अमित शाह के मुताबिक, प्रेमचंद जी की रचनाएं हर पाठक के भीतर संवेदनशीलता, मानवीयता और सामाजिक न्याय की भावना को जागृत करने का काम करती हैं, जिसकी प्रासंगिकता आज भी उतनी ही कड़क और बनी हुई है.
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-भारत एक्सप्रेस
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