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‘जिसकी रचनाएं पढ़कर आज भी…’, रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए क्या बोले अमित शाह?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने क्रांतिकारी पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. शाह ने कहा कि बिस्मिल की रचनाएं और राष्ट्रभक्ति आज भी युवाओं में देशप्रेम की भावना जगाती हैं…

Amit Shah on Ram Prasad Bismil: स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी और मां भारती के अमर सपूत पंडित रामप्रसाद बिस्मिल की जयंती पर आज पूरा देश उन्हें शिद्दत से याद कर रहा है. इस ऐतिहासिक मौके पर देश के केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमर शहीद बिस्मिल को कोटि-कोटि नमन करते हुए एक बेहद भावुक और राष्ट्रप्रेम से सराबोर संदेश जारी किया है. अमित शाह ने साफ शब्दों में कहा कि बिस्मिल की क्रांतिकारी रचनाएं और उनका स्वाधीनता-संकल्प आज भी देश के युवाओं की रगों में देशभक्ति का खून दौड़ाने के लिए काफी है.

बिस्मिल की जयंती पर क्या बोले अमित शाह?

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (ट्विटर) पर पंडित रामप्रसाद बिस्मिल को श्रद्धांजलि देते हुए उनके अदम्य साहस को याद किया. अमित शाह ने लिखा कि महान क्रांतिकारी और अमर शहीद राम प्रसाद बिस्मिल की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन. काकोरी ट्रेन एक्शन के माध्यम से ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला देने वाले राम प्रसाद बिस्मिल के स्वाधीनता-संकल्प को अंग्रेजों की क्रूर यातनाएं भी डिगा नहीं सकीं.

‘बिस्मिल की रचनाओं को पढ़ते ही…’

अमित शाह ने पंडित बिस्मिल की साहित्यिक और वैचारिक शक्ति का लोहा मानते हुए कहा कि वे सिर्फ हथियारों से नहीं, बल्कि अपनी कलम से भी गोरों की हुकूमत पर प्रहार करते थे. गृह मंत्री ने आगे लिखा, “युवाओं को संगठित कर मां भारती की आजादी के लिए प्रेरित करने वाले बिस्मिल की रचनाओं को पढ़कर आज भी देशवासियों का रोम-रोम राष्ट्रप्रेम से भर उठता है. उनकी सर्वोच्च बलिदान-गाथा युवाओं को ‘राष्ट्रप्रथम’ (Nation First) के सिद्धांत के लिए अनंत काल तक प्रेरित करती रहेगी.

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काकोरी ट्रेन एक्शन का वो ऐतिहासिक मोड़

अपनी पोस्ट में गृह मंत्री ने विशेष रूप से ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ का जिक्र किया, जिसके मुख्य सूत्रधार पंडित रामप्रसाद बिस्मिल थे. इस साहसिक कदम ने न केवल भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई और आक्रामक दिशा दी थी बल्कि ब्रिटिश शासन के भीतर यह खौफ भर दिया था कि भारतीय युवा अब अपनी आजादी के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं. अमित शाह के इस बयान को सोशल मीडिया पर देशप्रेम की नई लहर के रूप में देखा जा रहा है.

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-भारत एक्सप्रेस



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