Amit Shah Siliguri Visit: देश की सुरक्षा व्यवस्था के लिए सबसे संवेदनशील और रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी गलियारे, जिसे ‘चिकन नेक’ कहा जाता है,वहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अचानक पहुंचे दौरे ने वैश्विक और रणनीतिक स्तर पर बड़ा संदेश दे दिया है. जानकारी के मुताबिक,सिलीगुड़ी स्थित जुमागाछ बॉर्डर आउटपोस्ट (BOP) पर बीएसएफ (BSF) जवानों के बीच पहुंचे गृह मंत्री ने खुद हाथों में दूरबीन थामकर भारत-बांग्लादेश सीमा का बारीकी से मुआयना किया और अत्याधुनिक हथियारों की प्रदर्शनी का जायजा लिया.
बता दें कि नेपाल, भूटान और बांग्लादेश से सटे इस बेहद संवेदनशील इलाके में अमित शाह की इस सीधी मौजूदगी को केवल सीमा सुरक्षा ही नहीं बल्कि पड़ोसी देशों की नापाक हरकतों पर नकेल कसने वाले भारत के कड़क ‘मास्टर प्लान’ के तौर पर देखा जा रहा है.
BSF is the shield of our nation’s honor. Visuals from the visit to Jumagachh Border Outpost of the BSF in Siliguri, West Bengal. pic.twitter.com/3RfY3ovyQr
— Amit Shah (@AmitShah) July 20, 2026
‘चिकन नेक’ पर 1024 एकड़ जमीन का अधिग्रहण
दरअसल नेपाल और बांग्लादेश के मुहाने पर बसा सिलीगुड़ी गलियारा भारत को पूर्वोत्तर राज्यों से जोड़ने वाली एकमात्र पतली गलियारी है, जिस पर दुश्मन देशों की नजरें हमेशा टिकी रहती हैं. अमित शाह के इस दौरे (Amit Shah Siliguri Mission)के साथ ही सीमा सुरक्षा की सबसे बड़ी अड़चन को दूर कर लिया गया है. पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा सीमा सुरक्षा बल (BSF) को 9 जिलों में 1,024 एकड़ से अधिक भूमि का ऐतिहासिक हस्तांतरण कर दिया गया है.
बताते चलें इस जमीन की मदद से अब 172.6 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा पर पक्की और अत्याधुनिक फेंसिंग (तारबंदी) का काम बहुत तेजी से पूरा किया जा रहा है, जिससे घुसपैठ, अवैध आव्रजन और सीमा पार से होने वाली तस्करी पर पूरी तरह से पूर्णविराम लग जाएगा.
77 करोड़ की परियोजनाओं का जाल (Amit Shah Siliguri Mission)
ज्ञात रहे जुमागाछ चौकी पर गृह मंत्री का यह दौरा केवल कागजी समीक्षा तक सीमित नहीं रहा बल्कि उन्होंने सीमा पर दिन-रात चौकसी बरत रहे बीएसएफ के जवानों के साथ जमीन पर बैठकर खाना खाया और उनका हौसला बढ़ाया. गृह मंत्री ने बीएसएफ को देश की “गरिमा और संप्रभुता की ढाल” बताते हुए कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा.
इस दौरे के दौरान सीमाई इंफ्रास्ट्रक्चर को और मजबूत करने के लिए ₹77.06 करोड़ से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया गया. आधुनिक निगरानी उपकरणों, थर्मल कैमरों और नए सर्विलांस सिस्टम से लैस इस नए सुरक्षा ढांचे के बाद अब सीमा पर परिंदा भी पर नहीं मार सकेगा.
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सीमा पार से घुसपैठ पर कड़ा प्रहार
केंद्रीय गृह मंत्री का यह दौरा (Amit Shah Siliguri Mission) सीमा प्रबंधन के साथ-साथ देश में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों के जमीनी क्रियान्वयन और कानून-व्यवस्था की उच्च स्तरीय समीक्षा से भी जुड़ा हुआ था. सिलीगुड़ी कॉरिडोर में सुरक्षा एजेंसियों के बीच समन्वय को चुस्त-दुरुस्त करते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि अवैध अतिक्रमण और राष्ट्र विरोधी तत्वों के खिलाफ बिना किसी ढील के सीधी कार्रवाई की जाए. केंद्र और राज्य सरकार के इस नए प्रशासनिक तालमेल से साफ हो गया है कि पूर्वोत्तर की जीवनरेखा कहे जाने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर को भेदना अब किसी भी दुश्मन के लिए पूरी तरह से नामुमकिन होने वाला है.
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-भारत एक्सप्रेस
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