पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गरमा गई है. सोमवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बीरभूम जिले के बोलपुर में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर तीखा हमला बोला है. उनके भाषण में भ्रष्टाचार, कानून-व्यवस्था और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख रूप से छाए रहे.
रैली में बोलते हुए अमित शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में सामने आए लगभग हर बड़े घोटाले में टीएमसी के नेताओं की संलिप्तता रही है. उन्होंने एक के बाद एक कई मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि “कैश-फॉर-क्वेरी हो या कैश-फॉर-जॉब, मवेशी तस्करी हो या कोयला घोटाला हर जगह टीएमसी के लोग जुड़े दिखाई देते हैं.”
उनका कहना था कि आम जनता इस तरह के कुशासन से तंग आ चुकी है और अब बदलाव चाहती है.
चुनाव में बदलाव की उम्मीद
अमित शाह ने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में जनता अपना फैसला सुनाने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा कि लोग अब एक ऐसी सरकार चाहते हैं जो पारदर्शिता और विकास को प्राथमिकता दे. शाह ने भरोसा जताया कि मतदाता इस बार बदलाव के पक्ष में मतदान करेंगे.
अपने भाषण के दौरान उन्होंने समान नागरिक संहिता (UCC) का मुद्दा भी उठाया है. शाह ने कहा कि अगर राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी. उन्होंने इसे ‘समानता की दिशा में जरूरी कदम’ बताते हुए कहा कि इससे समाज में एकरूपता आएगी.
ममता बनर्जी पर सीधा हमला
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए शाह ने महिलाओं की सुरक्षा का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक महिला मुख्यमंत्री के होते हुए भी राज्य में महिलाएं खुद को सुरक्षित महसूस नहीं करतीं है. उनके मुताबिक, हालात ऐसे हैं कि महिलाओं को रात में बाहर न निकलने की सलाह दी जाती है, जो किसी भी सभ्य समाज के लिए चिंता की बात है.
अमित शाह ने वादा किया कि अगर भाजपा सत्ता में आती है, तो कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा. उन्होंने कहा कि महिलाएं देर रात भी बिना डर के बाहर निकल सकेंगी. शाह ने कुछ हालिया घटनाओं का जिक्र करते हुए भरोसा दिलाया कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को सख्ती से रोका जाएगा.
मतदान में गड़बड़ी पर चेतावनी
अपने भाषण के अंत में शाह ने चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को लेकर सख्त रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि अगर 23 और 29 अप्रैल को होने वाले मतदान में किसी ने बाधा डालने की कोशिश की, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी.
उन्होंने चेतावनी भरे अंदाज में कहा कि
“बेहतर है कि ऐसे लोग मतदान के दिन घर पर ही रहें, वरना चुनाव के बाद कानून अपना काम करेगा.”
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-भारत एक्सप्रेस
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