भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने उत्तर प्रदेश में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के प्रदेश दौरे को इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है. भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने कहा कि अमित शाह पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार हैं और उनके दौरे चुनावी तैयारियों के लिहाज से काफी अहम हैं. उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता एक बार फिर भाजपा का समर्थन करेगी और योगी आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनाने का मौका देगी.
आरपी सिंह ने यह बात अमित शाह के उत्तर प्रदेश दौरे को लेकर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कही. उनके मुताबिक, विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाने में अमित शाह की भूमिका महत्वपूर्ण रहने वाली है. हालांकि, चुनाव में जनता का फैसला क्या होगा, यह आने वाले समय में ही साफ होगा.
दिल्ली में पदयात्रा निकालेगी भाजपा
आरपी सिंह ने पार्टी की प्रस्तावित पदयात्रा को लेकर भी जानकारी दी. उन्होंने बताया कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ के नारे के साथ इस पदयात्रा का नेतृत्व करेंगे. यह यात्रा दिल्ली के लाल किले से शुरू होकर एमसीडी के टाउन हॉल तक पहुंचेगी.
भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों से देश में ऐसा माहौल बनाने की कोशिश हो रही है, जिससे राजनीतिक विवाद बढ़े. उन्होंने कहा कि जिस मुद्दे को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं, वह उनकी नजर में कोई बड़ा मुद्दा नहीं है. इस मामले में उन्होंने चुनाव आयोग का भी जिक्र किया.
आरपी सिंह के अनुसार, चुनाव आयोग ने सुप्रीम कोर्ट में अपना हलफनामा दाखिल कर दिया है. उन्होंने दावा किया कि आयोग ने अपने फैसलों को लेकर स्पष्ट किया है कि सभी निर्णय सर्वसम्मति से लिए गए थे. इसी आधार पर उन्होंने विपक्ष, खासकर कांग्रेस, पर निशाना साधा. उनका आरोप है कि कांग्रेस इस मुद्दे को आगे बढ़ाकर राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, ये आरोप भाजपा प्रवक्ता की ओर से लगाए गए हैं.
मुस्लिम समुदाय को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का दावा
मौलाना अरशद मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपी सिंह ने केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की योजनाओं का लाभ मुस्लिम समुदाय सहित समाज के अलग-अलग वर्गों को मिल रहा है.
उन्होंने आयुष्मान भारत और प्रधानमंत्री मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का उदाहरण देते हुए दावा किया कि इनके लाभार्थियों में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी करीब 30 से 34 प्रतिशत है. वहीं, देश की कुल आबादी में मुस्लिम समुदाय की हिस्सेदारी लगभग 14 से 15 प्रतिशत बताई जाती है.
आरपी सिंह ने इन आंकड़ों के आधार पर कहा कि सरकारी योजनाओं का लाभ देने में मुसलमानों के साथ भेदभाव नहीं किया जा रहा है. उनके मुताबिक, योजनाओं का फायदा समुदाय की आबादी में हिस्सेदारी से ज्यादा लोगों तक पहुंच रहा है.
हालांकि, इन आंकड़ों को लेकर योजना-वार लाभार्थियों की संख्या और संबंधित सरकारी आंकड़ों को अलग-अलग देखना जरूरी है, क्योंकि हर योजना का दायरा और उसके लाभार्थियों की स्थिति एक जैसी नहीं होती.
अदालत के आदेश का पालन करना जरूरी- आरपी सिंह
मौलाना अरशद मदनी के बयान पर अपनी बात रखते हुए आरपी सिंह ने यह भी कहा कि अगर किसी मामले में अदालत कोई आदेश देती है, तो सभी पक्षों को उसका पालन करना चाहिए. उनके इस बयान में सरकारी योजनाओं के लाभ और कानूनी प्रक्रिया, दोनों का जिक्र रहा.
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