Gurpreet Singh Bhullar Transfer: पंजाब की राजनीति में एक बार फिर बड़ा प्रशासनिक और सियासी भूचाल आ गया है. अमृतसर के पुलिस कमिश्नर आईपीएस गुरप्रीत सिंह भुल्लर का अचानक तबादला किए जाने और उन्हें फिलहाल कोई नई पोस्टिंग न दिए जाने पर विवाद गहरा गया है. इस ताबड़तोड़ ट्रांसफर के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है.
इसको लेकर भाजपा का आरोप है कि जंतर-मंतर पर हुए ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और अन्य प्रदर्शनों के पीछे पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI का हाथ होने का खुलासा करने की सजा अधिकारी को दी गई है.
Punjab | Harmanbir Singh, DIG Border Range, Amritsar replaces Gurpreet Singh Bhullar as Commissioner of Police, Amritsar in addition to his exisiting charge.
Gurpreet Singh Bhullar shall report to DGP Office till futher orders. pic.twitter.com/FGrVsuOCdD
— ANI (@ANI) August 7, 2026
जानिए क्या है पूरा मामला?(Gurpreet Singh Bhullar Transfer)
मामले की जड़ ट्रांसफर से ठीक दो दिन पहले हुई एक हाई-प्रोफाइल प्रेस कॉन्फ्रेंस से जुड़ी है. तत्कालीन पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने दावा किया था कि अमृतसर पुलिस ने पाकिस्तान की ISI से जुड़े दो कथित आतंकी मॉड्यूलों का भंडाफोड़ करते हुए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.
सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब भुल्लर ने प्रारंभिक जांच के हवाले से कहा कि इन आरोपियों के तार दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शनों से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि इसकी आधिकारिक पुष्टि होना अभी बाकी है.
Amritsar, Punjab: On busting ISI-backed terror modules, Police Commissioner Gurpreet Singh Bhullar says, “The Amritsar Commissionerate Police, acting under the Punjab Chief Minister’s zero-tolerance policy towards terrorism, has busted and completely dismantled two ISI-backed… pic.twitter.com/byhfAc9LK4
— IANS (@ians_india) August 5, 2026
रवनीत बिट्टू का AAP सरकार पर बड़ा हमला
अमृतसर सीपी के तबादले के बाद पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने भगवंत मान सरकार पर सीधा हमला बोला है. बिट्टू ने गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया कि दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री और केंद्र सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से पेट्रोल बम फेंकने जैसी साजिशें रची जा रही थीं. भाजपा नेता का कहना है कि भुल्लर ने इस पूरी साजिश और पाकिस्तानी कनेक्शन को बेनकाब कर दिया था, जिस वजह से आप सरकार ने आनन-फानन में उन्हें पद से हटा दिया.
मनजिंदर सिंह सिरसा ने भी खोला मोर्चा
भाजपा नेता रवनीत बिट्टू और दिल्ली सरकार के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने इस फेरबदल के समय को लेकर सवाल उठाए हैं. विपक्षी नेताओं का कहना है कि देश की सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े संवेदनशील खुलासे के तुरंत बाद एक वरिष्ठ अधिकारी को ‘खड्डे में डालना’ यानी बिना पोस्टिंग छोड़ना कई गंभीर संदेह पैदा करता है.
इसको लेकर (Gurpreet Singh Bhullar Transfer) भाजपा ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार इस पूरे मामले की कड़ियों को दबाने का प्रयास कर रही है, ताकि जंतर-मंतर और CJP प्रदर्शन से जुड़े राजनीतिक चेहरों को बचाया जा सके.
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पंजाब सरकार का क्या है कहना?
दूसरी ओर, पंजाब सरकार और सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने विपक्ष के तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. सरकार का कहना है कि आईपीएस अधिकारियों के तबादले एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा हैं और इसका किसी विशेष जांच से कोई संबंध नहीं है. राज्य सरकार ने इस ट्रांसफर का कोई विशिष्ट कारण सार्वजनिक नहीं किया है और इसे रूटीन फेरबदल करार दिया है.
-भारत एक्सप्रेस
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