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VIDEO: इंसान और जानवर की अनोखी दोस्ती! खाना देने वाले की हुई मौत तो अर्थी से लिपट कर घंटों रोता रहा बंदर, ऐसे दी अंतिम विदाई

गांव वालों ने बताया कि वृद्ध के साथ पिछले दो महीने से बंदर इस कदर जुड़ गया था कि वह रोज खाना खाने के लिए आता था, लेकिन उनकी मौत के बाद से बंदर ने कुछ भी नहीं खाया है.

शव से लिपटा बंदर

-अरूण चाहल

Amroha:  उत्तर प्रदेश के अमरोहा जिले से दिल छू लेने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है. यहां एक व्यक्ति की मौत होने के बाद एक बंदर उसके शव से घंटों लिपट कर रोता रहा. इतना ही नहीं शव के साथ घाट पर भी गया और वहां भी घंटों बैठा रहा. यह देखकर गांव के लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया. जहां लोग इस वीडियो को बड़े हैरानी से देख रहे हैं और बंदर के इस लगाव को लेकर चर्चा कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि जिस व्यक्ति की मौत हुई है वह बंदर को खाना देता था. इस वीडियो को देखकर लोग अपनी आंखों को नम होने से नहीं रोक पा रहे हैं.

ये मामला अमरोहा के कस्बा जोया के मोहल्ला जाटव कालोनी से सामने आया है. यहां पर वृद्ध रामकुंवर सिंह अपने परिवार के साथ रहते थे. गत दो महीने से एक बंदर उनके पास आकर बैठ जाया करता था. रामकुंवर को भी बंदर से लगाव हो गया था. वो उसे खाने के लिए कभी रोटी तो कभी कुछ और दे दिया करते थे. इस तरह से बंदर प्रतिदिन उनके पास आने लगा और राम कुंवर उसे प्रतिदिन खाना खिलाने लगे. ये सिलसिला दो महीने से लगातार जारी था. बताया जा रहा है कि धीरे-धीरे बंदर उनसे इतना घुल-मिल गया कि घंटों उनके साथ खेला करता था.

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उस दिन भी खाना खाने पहुंचा था बंदर

मंगलवार की सुबह रामकुंवर का निधन हो गया. बंदर अपने समय से रामकुंवर के घर पर खाना खाने के लिए सुबह करीब 10 बजे पहुंचा तो उसने उनके घर पर लोगों की भीड़ देखी. इस पर लोगों ने उसे शव तक जाने दिया. इस दौरान लोगों ने वीडियो बना लिया, जिसमें साफ दिख रहा है कि बंदर भीड़ को पार करते हुए शव के पास पहुंचा और शव के चेहरे से कफन हटाकर चेहरा देखने की कोशिश करने लगा. जब उसे ये मालूम हो गया कि मृत शरीर उसी का है , जो उसे खाना देते थे, तो वह सड़क पर ही लेटकर रोने लगा और शव से लिपट गया. गांव वालों ने बताया कि बंदर की आंखों में आंसू थे. जब अर्थी को घाट के लिए ले जाया जाने लगा तो बंदर भी डीसीएम पर रखी अर्थी पर चढ़ गया और रास्ते भर शव से लिपटा रहा और तिगरी धाम स्थित घाट पर वह तब तक बैठा रहा, जब तक चिता जल नहीं गई. गांव वालों ने बताया कि बंदर जोया से लेकर तिगरी धाम तक डीसीएम पर रखी अर्थी से लिपटा रहा. गांव वालों ने बताया कि अंतिम संस्कार के बाद वह भी लोगों के साथ वापस जोया लौट आया.

बंदर ने दो दिनों से नहीं खाया खाना

बताया जा रहा है कि मंगलवार को भी उसे खाने के लिए लोगों ने दिया लेकिन उसने कुछ नहीं खाया और बुधवार को भी रामकुंवर के घर वालों ने उसे खाने के लिए दिया लेकिन उसने कुछ नहीं खाया. रामकुंवर के साथ बंदर के इस लगाव को देखकर गांव वाले हैरान हैं.

-भारत एक्सप्रेस

 

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