Anand Mohan New Party
Anand Mohan Bihar: “मेरा पानी उतरता देख, मेरे किनारे पर घर मत बना लेना, मैं समुंदर हूं, लौट कर वापस आउंगा” ये शायरी किसने लिखी है नहीं पता, लेकिन बिहार की सियासत में अलग रुतबा और रुआब रखने वाले बाहुबली और पूर्व सांसद आनंद मोहन पर फिट बैठती है. बिहार की सियासी गलियारे में यह अटकलें लगाई जा रही है कि वो एक बार फिर नई राजनीतिक पार्टी बनाने जा रहे हैं.
पिछले कुछ समय आनंद मोहन जदयू और शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं. खासकर जब से बेटे आनंद मोहन के बेटे चेतन आनंद को मंत्री नहीं बनाया गया है तब से वो जदयू पर लगातार हमला बोल रहे हैं. उन्होंने पार्टी पर थैली की राजनीति करने का आरोप लगाया था. आनंद मोहन ने कहा था कि जदयू के अंदर अब थैली की राजनीति हो रही है. यानी पैसे लेकर पद और टिकट दिये जा रहे हैं.
जदयू पर विचारधारा से भटकने का आरोप
उन्होंने कहा कि पहले जदयू विचारधारा वाली पार्टी हुआ करती थी, लेकिन अब वो वैसी नहीं रही. अब पहले पैसे लेकर लोगों को टिकट दिया जाता है बाद में पार्टी की सदस्यता ग्रहण कराई जाती है. आनंद मोहन के मुताबिक पार्टी अब विचारधारा से भटक चुकी है.
आनंद मोहन यहीं नहीं रुके, उन्होंने जदयू के मुखिया नीतीश कुमार के करीबी नेताओं और सलाहकारों पर भी हमला बोल दिया. आनंद मोहन ने कहा कि पार्टी के कुछ लोग नीतीश कुमार को राजनीतिक रूप से खत्म कर देना चाहते हैं.
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि आनंद मोहन के ये बयान सिर्फ सियासी नाराजगी भर नहीं है. यह उनके भविष्य की रणनीति का हिस्सा है.
नई पार्टी बनाने पर दिया शायराना जवाब
आपको बता दें कि आनंद मोहन से जब पत्रकारों ने ये पूछा, क्या वो नई पार्टी बनाने जा रहे हैं, तो इसपर उन्होंने शायराना अंदाज में जवाब देते हुए कहा,
वक्त आने दे तुझे बता देंगे ऐ आसमां…हम अभी से क्या बताएं हमारे दिल में क्या है.
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आनंद मोहन ने इशारों-इशारों में अपने दिल का हाल बयां कर दिया. बिहार में जब से नई सरकार बनी है, आनंद मोहन गुट की नाराजगी अब सतह पर आ चुकी है. राजनीतिक गलियारों में चर्चा हो रही है कि आनंद मोहन अपनी नई पार्टी बनाने की तैयारी में हैं या फिर वो किसी नए गठबंधन की जमीन तैयार करने में लगे हैं. हालांकि उन्होंने अभी खुलकर कुछ भी नहीं कहा है, लेकिन उनके बयानों के अपने-अपने तरीके से सियासी मायने निकाले जा रहे हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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